best news portal development company in india

एम्स बिलासपुर में भरेंगे फैकल्टी, नॉन-फैकल्टी के 127 पद : जेपी नड्डा

SHARE:

एम्स बिलासपुर में भरेंगे फैकल्टी, नॉन-फैकल्टी के 127 पद : जेपी नड्डा

पोल खोल न्यूज़ | बिलासपुर

एम्स बिलासपुर का निर्माण मात्र तीन वर्ष के रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ। वर्तमान में देश में 23 एम्स संचालित हैं, जिनमें से 13 एम्स भाजपा के कार्यकाल के दौरान स्थापित किए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने एम्स के स्थापना दिवस पर 127 नए पदों को भरने की भी घोषणा की। इनमें 29 फैकल्टी और 98 नॉन-फैकल्टी पद शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि चयन समिति एक साल तक सक्रिय रहेगी और कम से कम चार चरणों में इंटरव्यू आयोजित कर सभी पदों को भरेगी। वहीं, नड्डा ने स्पष्ट किया कि एम्स प्रबंधन पर यह जिम्मेदारी है कि सभी पद भरे जाएं। भविष्य की तैयारियों पर उन्होंने कहा कि नीति आयोग और भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की टीम जल्द ही एम्स बिलासपुर का निरीक्षण करेगी। यह टीम सभी एम्स संस्थानों का दौरा कर विभागों की वृद्धि और भविष्य की स्थिरता का रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने सभी विभागों से पूरी तैयारी रखने और देश के अग्रणी एम्स संस्थानों में अपनी पहचान बनाए रखने का आग्रह किया। नड्डा ने कहा कि एम्स ब्रांड है और इसकी प्रतिष्ठा बनाए रखना हमारा दायित्व है। कहा कि दिल्ली एम्स हमारा आदर्श होना चाहिए।

ये भी पढ़ें :टौणी देवी ने जीता जिला स्तरीय अंडर-19 बास्केटबॉल चैंपियनशिप का खिताब

कार्यक्रम के दौरान एम्स का कुलगीत भी जारी किया गया। इसके अलावा विशेष पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट अकादमिक और सह-पाठ्यक्रम प्रदर्शन करने वाले छात्रों को नड्डा ने सम्मानित किया। इस दौरान तीन साल में एम्स की उपलब्धियों पर भी बात की गई। अब तक 8 गुर्दा प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं और क्षेत्रीय स्तर की विषाणु अनुसंधान प्रयोगशाला भी शुरू हो चुकी है। एम्स बिलासपुर में 750 बिस्तरों की क्षमता वाला इनडोर पेशेंट विभाग और 40 विभागों वाला आउटडोर पेशेंट विभाग कार्यरत हैं।

 

आप सिर्फ डॉक्टर या प्रोफेसर नहीं, रिसर्चर हैं। एम्स ब्रांड है, इसे संजोना हमारा दायित्व है। दिल्ली के एम्स छात्रों को बिलासपुर भेजने और बिलासपुर के छात्रों को दिल्ली ले जाने का कार्यक्रम शुरू करने की बात कही। नवाचार, रिसर्च और बेस्ट प्रैक्टिस को अन्य एम्स तक ले जाने की भी बात की। उन्होंने कहा कि एनआईआरएफ रैंकिंग में एम्स बिलासपुर एम्स को ऊंचा स्थान दिलाने के लिए मेहनत की जरूरत है।

हम देश के लिए नहीं, दुनिया को बेहतर डॉक्टर दे रहे हैं। नड्डा ने कहा कि देश के हर विभाग के संस्थानों के लिए पॉलिसी मेकर्स की गंगोत्री को संभालना जरूरी है। देश के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बदलाव लाने वालों का सम्मान होना चाहिए। नड्डा ने यह इशारा प्रधानमंत्री की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए किया। कहा कि एम्स बिलासपुर से प्रदेश के लोगों को चंडीगढ़ और दिल्ली जैसे बड़े अस्पतालों के चक्कर काटने से राहत मिली है। वर्तमान में एम्स में हर माह लगभग 40,000 रोगियों की ओपीडी सेवाएं संचालित हो रही हैं। प्रदेश के लोगों की जेब पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हुआ है।

Leave a Comment

best news portal development company in india
best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पढ़ी गई
error: Content is protected !!

Follow Us Now