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शिमला में प्रतिबंधित और सील्ड रोड पर ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा भारी, जुर्माना राशि कई गुना बढ़ाई

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शिमला में प्रतिबंधित और सील्ड रोड पर ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ेगा भारी, जुर्माना राशि कई गुना बढ़ाई

पोल खोल न्यूज़ शिमला

शिमला में अब ट्रैफिक नियम तोड़ना भारी पड़ेगा। जुर्माने की राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अब ट्रैफिक नियम तोड़ना भारी पड़ेगा। जुर्माने की राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया है। बिना पास प्रतिबंधित और सील रोड पर वाहन चलाने पर 10 हजार तक जुर्माना होगा। नियम उल्लंघन पर जेल का भी प्रावधान किया गया है। बजट सत्र में पारित हुए संशोधन विधेयक को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। बुधवार को राजपत्र में विधि विभाग की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी की गई। यातायात व्यवस्था और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को और सख्त बनाने के लिए सरकार ने कानून में संशोधन किया है।
जुर्माने और दस दिन की कैद का प्रावधान जोड़ा
बंधित और प्रतिबंधित सड़कों पर बिना पास के गाड़ियां चलाने वालाें के खिलाफ जुर्माने और दस दिन की कैद का प्रावधान जोड़ा गया है। संशोधन विधेयक में तीन धाराओं में संशोधन और एक नई धारा को शामिल किया गया है। धारा – 6 में बंधित सड़कों के लिए पास देने या इनके नवीकरण का प्रावधान है। बंधित सड़क पर निजी वाहनों के पास के लिए प्रोसेसिंग फीस 100 रुपये है। यह अब 500 रुपये होगी। पास जारी करने के लिए यह 2,000 रुपये है जो अब 10,000 रुपये होगी।
प्रोसेसिंग फीस, पास का शुल्क बढ़ाया
धारा-7 में प्रतिबंधित सड़कों के लिए प्रोसेसिंग फीस 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये और पास का शुल्क 1,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किया गया है। धारा 8 में अस्थायी पास बनाने के लिए आवेदन का शुल्क 200 से बढ़ाकर 1000 रुपये किया गया है। जबकि प्रतिदिन के हिसाब से 100 रुपये के स्थान पर अब 500 रुपये का शुल्क सात दिनों तक लिया जाएगा। इस संशोधन विधेयक में धारा 12 में संशोधन किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति बंधित रोड पर बगैर पास के गाड़ी चलाएगा तो उसे 10 हजार और प्रतिबंधित सड़क पर पांच हजार जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इससे पूर्व तीन हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान था।

अलग-अलग प्रकार के अपराधों पर 10 और 15 दिन की कैद
अवहेलना के अलग-अलग प्रकार के अपराधों पर 10 और 15 दिन की कैद हो सकती है। गंभीर मामलों में अधिकतम जुर्माना 2500 रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया है। पुलिस अधिकारी मौके पर ही निर्धारित जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि लेकर मामला कंपाउंड भी कर सकेंगे। पास की शर्तों का उल्लंघन करने वालों पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना अदा नहीं करने पर 10 दिन की साधारण कैद भुगतनी होगी। इसके अलावा अधिनियम के अन्य प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 3000 रुपये जुर्माना या 15 दिन की साधारण कैद का प्रावधान रखा गया है। नए कानून के तहत अब सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) रैंक से नीचे न होने वाला वर्दीधारी पुलिस अधिकारी मौके पर ही जुर्माना कंपाउंड कर सकेगा।

हिमाचल में लिफ्ट लगाने के लिए 2,500 का शुल्क तय
राज्यपाल ने प्रदेश लिफ्ट संशोधन विधेयक 2026 को भी मंजूर कर दिया है। इसमें लिफ्ट के साथ एस्केलेटर्स और ट्रेवलैटर्स भी जोड़ दिए हैं। वर्ष 2007 के बाद यह संशोधन किया गया है। अब निजी भवन मालिकों या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए लिफ्ट लगाने पर पंजीकरण शुल्क 2500 रुपये निर्धारित किया गया है। अगर सरकार लिफ्ट लगाती है तो पंजीकरण शुल्क नहीं लगेगा। नियमों का पालन न करने वालों को पहली बार 5000 रुपये जुर्माना, अगर उल्लंघन जारी रहता है तो 45 हजार रुपये बतौर जुर्माना वसूल किया जाएगा।

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