
मॉडल बीएससी जंगल बेरी में अग्निशामक यंत्रों के उपयोग पर फायर सेफ्टी प्रशिक्षण आयोजित
संजय ठाकुर | ऊहल

मॉडल बीएससी जंगल बेरी में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को अग्निशामक यंत्रों के सही उपयोग और विभिन्न प्रकार की आग से निपटने के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण फायर सेफ्टी ऑफिसर नरेंद्र ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जबकि कार्यक्रम की अगुवाई डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा ने की।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि अग्निशामक यंत्र एक महत्वपूर्ण हाथ से संचालित सुरक्षा उपकरण है, जिसका उपयोग शुष्क रसायन, फोम, पानी या कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के माध्यम से छोटी और सीमित आग को नियंत्रित या बुझाने के लिए किया जाता है। आग के प्रकार के अनुसार अग्निशामक यंत्रों को क्लास A, B, C, D और K में वर्गीकृत किया जाता है, जिनका उपयोग क्रमशः सामान्य ज्वलनशील पदार्थ, ज्वलनशील तरल पदार्थ, विद्युत उपकरण, धातुएं तथा खाना पकाने के तेल और ग्रीस की आग पर किया जाता है।
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प्रतिभागियों को PASS तकनीक (Pull, Aim, Squeeze, Sweep) के बारे में भी व्यावहारिक रूप से समझाया गया। इसमें सबसे पहले पिन खींचकर सील तोड़ी जाती है, फिर नोजल को आग के आधार की ओर निशाना लगाकर हैंडल दबाया जाता है और अंत में नोजल को दाएं-बाएं घुमाकर आग को पूरी तरह बुझाया जाता है।
प्रशिक्षण में फीमेल हेल्थ सुपरवाइजर, फार्मासिस्ट ऑफिसर, आशा कार्यकर्ता तथा कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर ईदू और शिवानी सहित कई स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों और समुदाय से जुड़े कर्मचारियों को आपात स्थिति में आग से सुरक्षित तरीके से निपटने के लिए जागरूक और प्रशिक्षित करना था।

Author: Polkhol News Himachal









