
भारी गांव में गूंजा मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान, ग्रामीणों ने लिया संघर्ष को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प
रजनीश शर्मा । हमीरपुर
हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के भारी गांव में मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान के तहत एक प्रभावशाली जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को कमजोर करने और समाप्त करने की कथित साजिशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, साथ ही इसके सामाजिक-आर्थिक महत्व पर सार्थक चर्चा हुई।
इस अवसर पर अभियान के ऑब्जर्वर डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि गरीबों के रोजगार का अधिकार, ग्रामीण विकास की रीढ़ और आत्मनिर्भर गांवों की मजबूत बुनियाद है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर मनरेगा के बजट और स्वरूप में लगातार छेड़छाड़ की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस शासित राज्यों के साथ बजट में कटौती कर सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, जो सरासर नाइंसाफी है।

डॉ. वर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार पर मोहताज किया जा रहा है, जबकि प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू चट्टान की तरह मजबूती से डटे हुए हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि यह संघर्ष हर गांव, हर पंचायत और हर घर तक पहुंचाया जाएगा। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा— “मनरेगा बचेगी, गांव बचेगा, देश बचेगा।”
इस मौके पर रिटायर्ड प्रिंसिपल रणबीर ठाकुर, ब्लॉक यूथ कांग्रेस अध्यक्ष दिवस ठाकुर, विनय कुमार, गौरव कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



Author: Polkhol News Himachal









