
टौणी देवी के अंडर-14 लड़कों ने जिला बास्केटबॉल चैंपियनशिप में लिखी जीत की नई कहानी
रजनीश शर्मा | हमीरपुर

“कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता” इस प्रेरणादायक विचार को साकार करते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टौणी देवी के अंडर-14 बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने जिला स्तरीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करलगातार दूसरे साल विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। मैदान पर खिलाड़ियों का जज़्बा, टीमवर्क और अनुशासन देखकर दर्शकों ने भी उत्साह और गर्व से तालियाँ बजाईं। यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि मेहनत, एकता और आत्मविश्वास की प्रतीक बन गई। विजयी टीम के विद्यालय लौटने पर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने उनका भव्य स्वागत किया। फूल-मालाओं से सजे इन युवा विजेताओं का स्कूल प्रांगण तालियों की गूंज से गूंज उठा। यह दृश्य पूरे विद्यालय परिवार के लिए गौरव और प्रेरणा से भरा था।
प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह विजय मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सच्ची मिसाल है। उन्होंने कोच संजय कुमार के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बच्चों को नियमित कक्षाओं के बाद भी विशेष प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से खेल के हर पहलू में निपुण बनाया। “जब शिक्षक अपने कार्य को केवल पेशा नहीं, बल्कि सेवा और मिशन के रूप में देखते हैं, तो परिणाम हमेशा श्रेष्ठ होते हैं,” उन्होंने कहा। उन्होंने अभिभावकों के समर्थन को भी इस सफलता का आधार बताया और कहा कि घर और स्कूल का सामंजस्य ही बच्चों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाता है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाले समय में और बड़ी सफलताओं की प्रेरणा बनेगी।
कोच संजय कुमार ने कहा कि यह जीत बच्चों के समर्पण, नियमित अभ्यास और एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने न केवल खेल कौशल में निपुणता दिखाई बल्कि अनुशासन, सहयोग और आत्मविश्वास से भी उदाहरण प्रस्तुत किया। हमारे लिए यह केवल एक जीत नहीं, बल्कि एक संदेश है कि जब लक्ष्य स्पष्ट और प्रयास निरंतर हों, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं रहती विजेता टीम में रुत्विक,ऋत्विक, मोहित, क्रांति, कार्तिक, गुरप्रीत, रोहित, कर्ण और राहुल जैसे खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। उनकी यह जीत न केवल विद्यालय के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे टौणी देवी क्षेत्र के लिए ना केवल प्रेरणा की मिसाल बन गई है बल्कि ये विजय यह सिद्ध करती है कि जब समर्पित शिक्षक, सहयोगी अभिभावक और मेहनती विद्यार्थी एकजुट होते हैं, तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमती है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरक संदेश है “जो मेहनत से नहीं डरते, जीत उन्हीं के कदम चूमती है।”


Author: Polkhol News Himachal









