
📰 हिमाचल में 46 समेत देशभर में 141 दवाओं के सैंपल फेल, कंपनियों को नोटिस
पोल खोल न्यूज़ । शिमला

हिमाचल प्रदेश में बनी निमोनिया, अल्सर, मधुमेह और किडनी सहित 46 दवाओं के सैंपल मानकों पर फेल पाए गए हैं, जबकि देशभर में कुल 141 दवाएं जांच में असफल रही हैं। सोलन की 23, सिरमौर और ऊना की 11-11 तथा कांगड़ा की एक कंपनी के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।

राज्य ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर बाजार से स्टॉक वापस मंगवाने के आदेश दिए गए हैं।

सीडीएससीओ और राज्य प्रयोगशाला द्वारा लिए गए सैंपलों में बद्दी, कालाअंब, नालागढ़, पांवटा साहिब और ऊना सहित कई औद्योगिक क्षेत्रों की दवाएं फेल पाई गई हैं। इनमें बुखार, दर्द, फंगल, संक्रमण, बीपी, उल्टी, यूरिक एसिड, एलर्जी, खांसी, उच्च रक्तचाप और विटामिन जैसी दवाएं शामिल हैं।

लगातार सामने आ रहे मामलों से दवा गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि इन दवाओं की सप्लाई किन-किन बाजारों में हुई है।

दवा उद्योगों पर नए नियम लागू
केंद्र सरकार ने दवा उद्योग के लिए क्लीनिकल ट्रायल और निर्यात से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। Central Drugs Standard Control Organization (सीडीएससीओ) ने फॉर्म CT-05 के तहत कुछ आवेदनों के लिए पूर्व सूचना प्रणाली लागू कर दी है, जो 21 अप्रैल से प्रभावी हो गई है।

नई व्यवस्था के अनुसार, निर्यात के लिए होने वाले कुछ क्लीनिकल अध्ययन और बायोइक्विवेलेंस ट्रायल शुरू करने से पहले उद्योगों को सुगम पोर्टल पर जानकारी देनी होगी। यह नियम केवल उन्हीं दवाओं पर लागू होगा, जो भारत या अमेरिका, जापान, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों में पहले से स्वीकृत हैं।
इसके अलावा आवेदन के साथ एथिक्स कमेटी की मंजूरी जरूरी होगी और ट्रायल में कम से कम 18 स्वयंसेवकों को शामिल करना अनिवार्य होगा। सीडीएससीओ की अनुमति के बाद ही अध्ययन शुरू किया जा सकेगा।

📦 इन्फो बॉक्स
• हिमाचल में 46 और देशभर में 141 दवाएं फेल
• सोलन, सिरमौर, ऊना में सबसे ज्यादा मामले
• कंपनियों को नोटिस, स्टॉक वापस मंगाने के आदेश
• कई तरह की दवाएं गुणवत्ता में फेल
• CT-05 के तहत नई पूर्व सूचना प्रणाली लागू
• ट्रायल से पहले एथिक्स मंजूरी जरूरी
Author: Polkhol News Himachal








