
⚡ हिमाचल के चार बड़े पावर प्रोजेक्ट्स राज्य के अधीन लाने की प्रक्रिया तेज
🔴 पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश में स्थापित हो रहे चार प्रमुख हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को राज्य सरकार अपने अधीन लाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है। केंद्र सरकार के अधीन स्थापित इन परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार ने Himachal Pradesh High Court के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की है।

सरकार ने अदालत को बताया कि 210 मेगावाट क्षमता का लुहरी स्टेज-1, 66 मेगावाट का धौलासिद्ध पावर प्रोजेक्ट, 382 मेगावाट की सुन्नी बांध परियोजना और 500 मेगावाट की डुगर हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना को अपने अधीन लेने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए संबंधित कंपनियों से विस्तृत वित्तीय और तकनीकी जानकारी मांगी गई है।

राज्य सरकार ने NHPC Limited और SJVN Limited को पत्र लिखकर वर्षवार बैलेंस शीट, पूंजीगत कार्यों का विवरण, निर्माण प्रगति रिपोर्ट और अचल संपत्तियों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इसके अलावा सिविल वर्क, भूमि अधिग्रहण, निर्माण एवं रखरखाव खर्च, लोन और बैंक फाइनेंस से जुड़ा पूरा ब्योरा भी मांगा गया है।

सरकार का कहना है कि इन सभी जानकारियों के आधार पर कंपनियों को उनकी लागत राशि वापस करने की प्रक्रिया तय की जाएगी। वहीं, कंपनियों ने निर्माण लागत के साथ 15% पर्यवेक्षण शुल्क की मांग भी रखी है।
इस मामले की सुनवाई Vivek Singh Thakur और Ranjan Sharma की खंडपीठ कर रही है। कंपनियों की ओर से अदालत को आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही सभी आवश्यक दस्तावेज सरकार को सौंप दिए जाएंगे।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पावर कंपनियों से नए सिरे से एग्रीमेंट करने को कहा है। हाईकोर्ट ने फिलहाल कंपनियों को यह राहत दी है कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही, परियोजनाओं को राज्य के अधीन लेने की प्रक्रिया और भुगतान प्रणाली को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जा रहे हैं।

📌 इन्फो बॉक्स
- 🔹 कुल परियोजनाएं: 4
- 🔹 प्रमुख कंपनियां: NHPC, SJVN
- 🔹 कुल क्षमता: लगभग 1158 मेगावाट
- 🔹 मांगी गई जानकारी: लागत, बैलेंस शीट, निर्माण व लोन विवरण
- 🔹 कंपनियों की मांग: लागत + 15% पर्यवेक्षण शुल्क
- 🔹 मामला: हाईकोर्ट में विचाराधीन
- 🔹 सरकार का लक्ष्य: परियोजनाओं को राज्य के अधीन लाना
Author: Polkhol News Himachal









