
पंडित जी मेरा टिपड़ा दिखनेयो : “वोटों से पहले ग्रहों की गिनती.. पंचायत चुनाव में पंडित जी बन रहे ‘किंगमेकर’!”
रजनीश शर्मा। हमीरपुर

हिमाचल में पंचायती राज संस्थाओं का रोस्टर जारी होते ही चुनावी बिगुल बज चुका है, लेकिन इस बार मैदान में उतरने से पहले उम्मीदवार वोटरों से ज्यादा अपनी किस्मत के सितारों को साधने में जुटे नजर आ रहे हैं। राजनीतिक आका का आशीर्वाद तो जरूरी है ही, पर असली ‘ग्रीन सिग्नल’ अब पंडित जी द्वारा कुंडली देखने से ही मिल रहा है। बिना राजयोग के चुनाव लड़ना मानो बिना पेट्रोल के गाड़ी दौड़ाने जैसा हो गया है।

उम्मीदवार इन दिनों हाथ में टिपड़ा और जेब में उम्मीदें लेकर पंडितों के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। ग्रह-गोचर से लेकर नामांकन भरने और प्रचार शुरू करने तक का शुभ मुहूर्त तय हो रहा है। पंचायत चुनाव हो या नगर निकाय, हर जगह ज्योतिष का महत्व इस कदर बढ़ गया है कि अब चुनावी रणनीति में ‘स्टार पोजिशन’ भी अहम फैक्टर बन चुका है। पंडित जी भी पूरे आत्मविश्वास से बता रहे हैं कि किस राशि वाले को कुर्सी मिलेगी और किसे केवल सांत्वना।

पंडितों की भविष्यवाणी के अनुसार इस बार धार्मिक सेवा से जुड़े लोग, पढ़े-लिखे उम्मीदवार, वकील, न्याय व्यवस्था से जुड़े लोग, पुजारी और पुलिस या सेना से रिटायर्ड चेहरे बाजी मार सकते हैं। राशियों में कुंभ, धनु, मीन और मकर वालों के लिए तो मानो ‘राजयोग स्पेशल पैकेज’ खुल गया है।

इतना ही नहीं, पंडित जी अब चेहरे की बनावट और मस्तक की चौड़ाई से भी चुनावी जीत का अंदाजा लगा रहे हैं। जिनके माथे पर त्रिपुंड साफ दिखे, चेहरे पर तेज हो, कद लंबा और व्यक्तित्व दमदार हो—उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। यानी अब पोस्टर से ज्यादा ‘फेस रीडिंग’ का जमाना आ गया है।

जिनके पास कुंडली नहीं है, उनके लिए भी निराश होने की जरूरत नहीं। पंडित जी के पास उपायों की पूरी सूची तैयार है—महिलाओं को खट्टी चीजें खिलाइए, मंदिर में गुलाब चढ़ाइए, सुगंधित धूप जलाइए और गाय की सेवा कीजिए। इससे राजयोग मजबूत होगा और चुनावी राह आसान।

कुल मिलाकर पंचायत चुनाव में अब सिर्फ वोटर ही नहीं, बल्कि ग्रह-नक्षत्र भी निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि इस बार चुनावी मैदान में उम्मीदवार कम और पंडित जी ज्यादा ‘किंगमेकर’ बनकर उभर रहे हैं।
Author: Polkhol News Himachal








