
पेंशन मामलों में देरी पर सरकार सख्त, अधूरी ई-सर्विस बुक पर नहीं बढ़ेंगे केस
पोल खोल न्यूज़ डेस्क। शिमला

पेंशन मामलों के निपटारे में हो रही देरी और दस्तावेजों में पाई जा रही खामियों को लेकर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि अधूरी या गलत ई-सर्विस बुक के आधार पर किसी भी पेंशन केस को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

सरकार ने मानव संपदा पोर्टल पर पेंशन से जुड़े सभी दस्तावेजों को सही और पूर्ण रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार डिजिटल सर्विस बुक में कई महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे नियुक्ति तिथि, विभाग का नाम, पदोन्नति, एसीपी लाभ और स्थायी अवशोषण का रिकॉर्ड शामिल नहीं किया जा रहा है, जिससे पेंशन मामलों में बाधा आ रही है।

यदि डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध न हो, तो पूरी सर्विस बुक की स्पष्ट स्कैन कॉपी अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
वित्त विभाग ने यह भी पाया कि कई मामलों में वेतन सत्यापन प्रमाणपत्र और वर्षवार पे-फिक्सेशन शीट संलग्न नहीं की जाती, जिसके कारण पेंशन गणना में त्रुटियां आती हैं। ऐसे में 30 सितंबर 2012 के बाद की सभी पे-फिक्सेशन शीट और ई-चालान की प्रतियां अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है।

इसके अलावा, फॉर्म-7 में गैर-अर्हकारी सेवा और लंबित विभागीय या न्यायिक जांच का उल्लेख न करना भी गंभीर खामी माना गया है। सरकार ने डीडीओ को निर्देश दिए हैं कि महालेखाकार को केस भेजने से पहले सभी दस्तावेजों की पूरी जांच सुनिश्चित करें, ताकि पेंशन मामलों का समयबद्ध निपटारा हो सके।

इन्फो बॉक्स:
- सख्ती का कारण: पेंशन मामलों में देरी
- मुख्य निर्देश: अधूरी ई-सर्विस बुक पर केस स्वीकार नहीं
- अनिवार्य: सभी दस्तावेज मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड
- जरूरी दस्तावेज: पे-फिक्सेशन शीट, वेतन सत्यापन, ई-चालान
- खामियां: फॉर्म-7 में अधूरी जानकारी
- लक्ष्य: समयबद्ध पेंशन निपटारा

Author: Polkhol News Himachal








