best news portal development company in india

स्कूलों के विलय से प्रभावित छात्रों के लिए परिवहन सुविधा देने के निर्देश

SHARE:

स्कूलों के विलय से प्रभावित छात्रों के लिए परिवहन सुविधा देने के निर्देश

पोल खोल न्यूज़ । शिमला 

रोहित ठाकुर ने स्कूलों के विलय, डिनोटिफिकेशन और युक्तिकरण के कारण विद्यार्थियों को हो रही परेशानियों का संज्ञान लेते हुए अधिक प्रभावित छात्रों के लिए परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति के विद्यार्थियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने को कहा, ताकि दूरी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।

उन्होंने कहा कि स्कूलों को बंद करने और विलय से जुड़े सभी फैसले विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखकर ही लिए जाएं। साथ ही उन्होंने नगरोटा और ज्वालामुखी के स्कूलों को दोबारा खोलने के भी निर्देश दिए हैं।

शुक्रवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार हर बच्चे को आधुनिक, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सुविधाओं के विस्तार, कर्मचारियों की उपलब्धता और शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें : महिला ने एचआरटीसी की चलती बस में पिछली सीट पर दिया बच्चे को जन्म

शैक्षणिक सुधारों की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के 151 सरकारी स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्धता मिल चुकी है और ये स्कूल आगामी शैक्षणिक सत्र से इसी पाठ्यक्रम के तहत संचालित होंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा।

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस महीने के अंत तक 7,635 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए जाएंगे, जिससे उन्हें आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी। इसके अलावा राज्य को राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद से दोहरी श्रेणी की मान्यता मिली है और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1,427 शिक्षकों ने एलडीआर परीक्षा दी है और इसके परिणाम जल्द घोषित किए जाएंगे। वहीं वित्त विभाग से 870 शिक्षकों के पद भरने की मंजूरी मिल चुकी है और विभाग को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य के महाविद्यालयों की रैंकिंग को 17 मार्च को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नए केंद्रीय विद्यालयों को जल्द शुरू करने और प्रवेश प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

Leave a Comment

error: Content is protected !!

Follow Us Now