
किन्नौर में बादल फटा, काचरंग नाले में उफान से मची अफरा-तफरी; पुल और पानी की लाइनें तबाह
पोल खोल न्यूज़ किन्नौर
किन्नौर के भावानगर के पास काचरंग नाले में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ से पैदल पुल, पेयजल लाइनें और जल शक्ति विभाग का टैंक क्षतिग्रस्त हो गया। विभाग पेयजल आपूर्ति बहाल करने में जुटा है।
किन्नौर जिले में मंगलवार देर रात हुई एक भयावह घटना में, भावानगर के समीप काचरंग नाले में बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। इस विनाशकारी बाढ़ ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है, जिससे एक पैदल पुल और कई पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जल शक्ति विभाग का एक पेयजल भंडारण टैंक भी बाढ़ की चपेट में आकर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है।
मंगलवार देर रात, काचरंग नाले के पास बादल फटने की घटना ने स्थानीय निवासियों को झकझोर दिया। अचानक जलस्तर बढ़ने से नाले का बहाव इतना तेज हो गया कि उसने रास्ते में आने वाले पैदल पुल को अपने साथ बहा लिया। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाई गई पाइपलाइनें भी बाढ़ के तेज प्रवाह से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। जल शक्ति विभाग का एक महत्वपूर्ण पेयजल भंडारण टैंक भी इस घटना से अछूता नहीं रहा और उसे भी नुकसान पहुंचा है।
जनहानि से बचाव, लेकिन दहशत का माहौल
राहत की बात यह है कि काचरंग गांव नाले से काफी दूरी पर स्थित होने के कारण, इस आपदा में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, अचानक आई बाढ़ और उसके बाद हुए नुकसान ने स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है
राहत और बहाली कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही, ग्रामीणों और जल शक्ति विभाग की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। क्षतिग्रस्त पेयजल व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लोगों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विभाग नुकसान का विस्तृत आकलन भी कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें







Author: Polkhol News Himachal








