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कुल्लू-मनाली में पर्यटकों का सैलाब, रोज 5 हजार वाहनों की एंट्री; पर्यटन कारोबार को संजीवनी

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कुल्लू-मनाली में पर्यटकों का सैलाब, रोज 5 हजार वाहनों की एंट्री; पर्यटन कारोबार को संजीवनी

पोल खोल न्यूज़ कुल्लू-मनाली

समर सीजन अंतिम चरण में होने के बावजूद कुल्लू-मनाली में पर्यटकों का उत्साह बरकरार है। रोज करीब 5 हजार वाहन घाटी में प्रवेश कर रहे हैं, जबकि होटल-होमस्टे में 80-90 फीसदी ऑक्यूपेंसी दर्ज की जा रही है। मनाली, सोलंग घाटी, अटल टनल, कसोल और मणिकर्ण सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर रौनक बनी हुई है।

प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुल्लू और मनाली में ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन अपने अंतिम चरण में है, लेकिन पर्यटकों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। मैदानी इलाकों की भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी हिमालय की ठंडी वादियों का रुख कर रहे हैं। यही कारण है कि कुल्लू घाटी में प्रतिदिन औसतन पांच हजार से अधिक वाहन प्रवेश कर रहे हैं, जिससे पर्यटन गतिविधियां चरम पर बनी हुई हैं।

पर्यटन स्थलों पर रौनक, राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें
मनाली, सोलंग घाटी, अटल टनल रोहतांग, नग्गर, कसोल, मणिकर्ण, पतलीकूहल, तीर्थन और जिभी घाटी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखी जा रही है। सुबह से लेकर देर शाम तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। पर्यटकों के बढ़ते दबाव के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। यह स्थिति दर्शाती है कि समर सीजन के अंतिम दिनों में भी पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ है।

मैदानी इलाकों की गर्मी से राहत की तलाश
देश के विभिन्न राज्यों जैसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से मई-जून के दौरान गर्मियों की छुट्टियों में बड़ी संख्या में पर्यटक अपने परिवारों के साथ कुल्लू-मनाली पहुंचे। मैदानी इलाकों में पड़ रही अत्यधिक गर्मी से निजात पाने के लिए ठंडी और शांत वादियों की तलाश में इन सैलानियों का कुल्लू-मनाली आना जारी है।

पर्यटन उद्योग को मिला संबल, होटल ऑक्यूपेंसी 80-90%
पर्यटकों की इस निरंतर आमद का सीधा लाभ पर्यटन उद्योग से जुड़े सभी वर्गों को मिल रहा है। होटल, होमस्टे, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, सड़क किनारे ढाबे, टैक्सी ऑपरेटर, साहसिक गतिविधियों से जुड़े कारोबारी, स्थानीय दुकानदार और हस्तशिल्प विक्रेता इन दिनों अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। होटलों में ऑक्यूपेंसी 80 से 90 फीसदी तक बनी हुई है, जो सीजन की सफलता को दर्शाता है।

चुनौतियों के बावजूद संतोषजनक रहा सीजन
मनाली होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशन ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष सीजन की शुरुआत कुछ चुनौतियों के साथ हुई थी, जैसे रसोई गैस सिलेंडरों की कमी के कारण होटल और रेस्तरां संचालकों को शुरुआती दिनों में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, कुल मिलाकर यह समर सीजन संतोषजनक रहा है। बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन से स्थानीय पर्यटन उद्योग को मजबूती मिली है और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

भविष्य की उम्मीदें और निरंतरता
पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि समर सीजन साल के सबसे महत्वपूर्ण सीजन में से एक होता है। रेस्तरां और ढाबों में स्थानीय व्यंजनों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट पकवान भी पर्यटकों को परोसे जा रहे हैं। एक जुलाई से स्कूलों और कॉलेजों के खुलने के साथ ही कुछ हद तक पर्यटन कारोबार पर असर दिखना शुरू हो गया है, लेकिन फिर भी पर्यटकों का उत्साह और कुल्लू-मनाली की ओर उनका झुकाव जारी है, जो आने वाले समय के लिए सकारात्मक संकेत देता है।

 

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