
नैनादेवी ब्लॉक में NQAS टीम का निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर जोर
संजय ठाकुर । ऊहल

“स्वस्थ शरीर, शांत मन और प्रेम से भरा घर—ये चीजें खरीदी नहीं जा सकतीं। बेहतर स्वास्थ्य ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है।” यह विचार डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा और डॉ. विजय ने व्यक्त किए।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत जिला बिलासपुर के नैनादेवी स्वास्थ्य ब्लॉक में टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। दूसरे दिन आयुष्मान आरोग्य मंदिर टोबा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का गहन मूल्यांकन किया गया।

निरीक्षण के पहले दिन डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा (मेडिकल ऑफिसर, जंगल बेरी) और डॉ. विजय (मेडिकल ऑफिसर, भदरबाड़) ने संयुक्त रूप से व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

डॉ. डोगरा ने बताया कि NQAS, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित एक व्यापक गुणवत्ता ढांचा है, जिसके अंतर्गत सेवा प्रावधान, रोगी अधिकार, क्लिनिकल देखभाल, सहायक सेवाएं सहित 12 प्रमुख मानकों पर अस्पतालों का मूल्यांकन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी को भारत सरकार द्वारा NQAS प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है, जो उच्च गुणवत्ता और बेहतर सेवाओं का प्रतीक है।

इस दौरान डॉ. नीर कमल धालीवाल (मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर बाल कृष्ण शर्मा व अन्य स्टाफ ने टीम का स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।


Author: Polkhol News Himachal








