
राजीव भवन बैठक में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान उजागर, नेताओं ने संगठन और सरकार पर उठाए सवाल
पोल खोल न्यूज़ | शिमला

शिमला स्थित राजीव भवन में गुरुवार को आयोजित प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की कमेटी की बैठक में पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष की तस्वीर खुलकर सामने आई। प्रभारी रजनी पाटिल की मौजूदगी में कई वरिष्ठ नेताओं ने संगठनात्मक कार्यप्रणाली और सरकारी हस्तक्षेप को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
बैठक में नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला परिषद प्रत्याशियों का चयन मुख्यमंत्री कार्यालय से तय किया जा रहा है, जिससे संगठन की भूमिका कमजोर हो रही है। पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर और सराज से पूर्व प्रत्याशी चेतराम सहित कई नेताओं ने कार्यकर्ताओं के काम न होने और उनकी अनदेखी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

राजधानी शिमला से सरकारी दफ्तरों को स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव का भी बैठक में कड़ा विरोध किया गया। जिला शिमला के नेताओं का कहना था कि इस फैसले से आम जनता में असंतोष बढ़ रहा है। इसके साथ ही कुछ नेताओं ने विकास कार्यों के सीमित क्षेत्रों तक सिमटने और फंड के असमान वितरण का आरोप लगाया।
बैठक में यह भी कहा गया कि पार्टी में शक्तियों का केंद्रीकरण बढ़ रहा है और मंत्रियों की सिफारिशों पर भी कार्य नहीं हो रहा, जबकि विपक्षी दल के नेताओं के कार्य आसानी से हो रहे हैं। इससे कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल बन रहा है।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रभारी रजनी पाटिल ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी की छवि को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए और सभी को मिलकर काम करना होगा।

नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी जारी रही, तो इसका असर आने वाले पंचायत और नगर निकाय चुनावों के साथ-साथ विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिल सकता है। जिला अध्यक्षों ने ब्लॉक कार्यकारिणी के गठन में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई और इसे जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
कौल सिंह ठाकुर बोले—मंत्रियों को मिले स्वतंत्रता, कार्यकर्ताओं की अनदेखी न हो
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कार्यकर्ताओं की अनदेखी से असंतोष बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर सरकार के कामकाज पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कुछ मामलों में कांग्रेस पदाधिकारियों और उनके परिजनों के कथित स्थानांतरण पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस विषय में उन्होंने संबंधित विभाग और शिक्षा मंत्री से बात की थी, लेकिन फाइल लंबे समय तक मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित रही। उन्होंने आशंका जताई कि अधिकारियों के स्तर पर भी गड़बड़ियां हो सकती हैं।
कौल सिंह ठाकुर ने यह भी कहा कि यह मुद्दे पार्टी के आंतरिक मंच पर उठाना जरूरी है, ताकि समय रहते समाधान निकाला जा सके। उन्होंने माना कि कई जिलों में संगठनात्मक नियुक्तियां लंबित हैं, जिससे पंचायत चुनावों की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी हाईकमान जल्द ही संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करेगा और कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर कांग्रेस को मजबूती प्रदान की जाएगी। उन्होंने पंचायत चुनावों को पार्टी के लिए “सेमीफाइनल” बताते हुए इसे मजबूती से लड़ने की बात कही।

📌 इन्फो बॉक्स
- स्थान: राजीव भवन, शिमला
- बैठक: प्रदेश कांग्रेस राजनीतिक मामलों की कमेटी
- मुख्य मुद्दे:
- प्रत्याशी चयन में कथित हस्तक्षेप
- कार्यकर्ताओं की अनदेखी
- फंड वितरण में असमानता
- विकास कार्यों का सीमित क्षेत्रों तक सिमटना
- नेताओं की मांग:
- मंत्रियों को स्वतंत्र कार्य करने की छूट
- ब्लॉक व जिला इकाइयों का जल्द गठन
- संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय
- चुनावी असर:
- पंचायत व निकाय चुनावों पर पड़ सकता है प्रभाव
- विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने चुनौती
Author: Polkhol News Himachal









