
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर सख्ती: 100 दिन में निपटारा अनिवार्य, देरी पर होगी कार्रवाई
पोल खोल न्यूज़ । शिमला

जल शक्ति विभाग हिमाचल प्रदेश ने सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में हो रही देरी और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने नई व्यवस्था लागू करते हुए निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी शिकायत का निपटारा अधिकतम 100 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
30 दिन से अधिक देरी को माना जाएगा लापरवाही
नई गाइडलाइन के अनुसार 30 दिनों से अधिक समय तक लंबित रहने वाली शिकायतों को गंभीर लापरवाही माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा और उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा के निर्देश
विभाग ने सभी स्तरों पर शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग और लंबित मामलों की समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम तब उठाया गया है जब सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कई शिकायतें लंबे समय तक लंबित रहने और समय पर कार्रवाई न होने के मामले सामने आए।
जवाबदेही तय, जनता को मिलेगा समय पर समाधान
नई व्यवस्था के तहत अब अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। विभाग का मानना है कि इस फैसले से शिकायत निवारण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और आम जनता को समयबद्ध राहत मिल सकेगी।
📌 इन्फो बॉक्स
- 📍 स्थान: हिमाचल प्रदेश
- 🏢 विभाग: जल शक्ति विभाग
- ⏱️ समय सीमा: 100 दिन में निपटारा अनिवार्य
- ⚠️ 30 दिन से अधिक देरी: मानी जाएगी लापरवाही
- 📊 फोकस: नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा
- 👨💼 जिम्मेदारी: संबंधित अधिकारियों पर तय
- ✔️ उद्देश्य: पारदर्शिता और समयबद्ध समाधान
Author: Polkhol News Himachal








