
💧 गंदे पानी से बढ़ा खतरा: हिमाचल में 5 साल में 34 संक्रामक रोगों के प्रकोप, 3937 लोग प्रभावित
🚨 पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश में स्वच्छ पेयजल की कमी अब गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। वर्ष 2021 से 2025 के बीच राज्य में संक्रामक रोगों के 34 प्रकोप दर्ज किए गए, जिनमें 3,937 लोग प्रभावित हुए और 2 लोगों की मौत हो गई।
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा किए गए शोध में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस अध्ययन में डॉ. अमित सचदेवा, डॉ. नवदीप कौशल, सचिन कुमार और अंजू सचदेवा शामिल रहे।

📊 2024 बना सबसे खतरनाक साल
- वर्ष 2024 में अकेले 17 प्रकोप दर्ज
- इसी साल 2 मौतें भी हुईं
👉 इसे अध्ययन में सबसे गंभीर वर्ष माना गया
🦠 कौन-सी बीमारियां सबसे ज्यादा फैलीं?
- तीव्र डायरिया – 2,796 मामले (71%)
- हेपेटाइटिस-ए – 702 मामले (17.8%)
- डेंगू – 379 मामले (9.6%)
- पीलिया – 38 मामले (1.0%)
- एचएफएमडी – 22 मामले (0.6%)
📍 सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
- हमीरपुर
- सोलन
- मंडी
👉 मंडी में सबसे ज्यादा 11 प्रकोप सामने आए
👉 सोलन में कम प्रकोप लेकिन अधिक मरीज दर्ज हुए
🌧️ मानसून में बढ़ता है खतरा
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- जून से नवंबर के बीच 60% से अधिक मामले
- अक्टूबर-नवंबर में संक्रमण अपने चरम पर
- विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में दूषित जल स्रोत,
- स्वच्छता की कमी और मौसम में बदलाव इसके प्रमुख कारण हैं।
🧾 क्या कहते हैं अधिकारी?
👉 जल शक्ति विभाग के ईएनसी (प्रोजेक्ट) धर्मेंद्र गिल के अनुसार:
- राज्य की 19,000 पेयजल योजनाओं में फिल्ट्रेशन किया जाएगा
- यह करीब 2000 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है
- मई से प्रक्रिया शुरू होने की संभावना
👉 स्वास्थ्य विभाग के निदेशक गोपाल बैरी ने बताया:
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- अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश
- लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह
- गांव-गांव जागरूकता अभियान जारी
📌 इन्फो बॉक्स: जरूरी बातें एक नजर में
🔹 कुल प्रकोप (2021–2025): 34
🔹 प्रभावित लोग: 3,937
🔹 मौतें: 2
🔹 सबसे आम बीमारी: तीव्र डायरिया (71%)
🔹 सबसे ज्यादा जोखिम का समय: मानसून व पोस्ट-मानसून
🔹 सरकार की योजना:
- 19,000 जल योजनाओं का फिल्ट्रेशन
- 2000 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
🔹 बचाव के उपाय:
- उबालकर पानी पिएं
- साफ-सफाई रखें
- मच्छर नियंत्रण पर ध्यान दें
👉 निष्कर्ष:
अगर समय रहते स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया, तो हिमाचल में जलजनित रोगों का खतरा और बढ़ सकता है।
Author: Polkhol News Himachal









