
सदन में गरजा हाइवे मुद्दा: NHAI पर मनमानी के आरोप, विधायक बोले—“DC की भी नहीं सुनते अधिकारी!”
पोल खोल न्यूज। मंडी

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में आज राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। द्रंग से भाजपा विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने प्रश्नकाल के दौरान नारला–मंडी फोरलेन निर्माण कार्य को लेकर गंभीर आरोप लगाए और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
“सरकारी सिस्टम से बाहर काम कर रहे NHAI अधिकारी” — पूर्ण चंद ठाकुर
विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने सदन में तीखा हमला बोलते हुए कहा कि NHAI के अधिकारी पूरी तरह मनमानी पर उतरे हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये अधिकारी न तो जनप्रतिनिधियों की सुनते हैं और न ही जिला प्रशासन की।
उन्होंने साफ कहा:
“हालात ऐसे हैं कि ये अधिकारी DC तक की बात नहीं मानते, ऐसे में आम जनता की सुनवाई कैसे होगी?”
फोरलेन निर्माण से लोगों की संपत्ति को नुकसान
विधायक ने नारला–मंडी फोरलेन निर्माण कार्य का मुद्दा उठाते हुए बताया कि इस परियोजना के चलते कई परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
- घरों में दरारें
- जमीन खिसकने की घटनाएं
- मलबा गिरने से खेतों को नुकसान
इन समस्याओं को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से परेशान हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
PWD मंत्री का जवाब—“तथास्तु, आपके सारे कार्य होंगे”
मामले पर जवाब देते हुए लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आश्वासन दिया कि विधायक द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का समाधान किया जाएगा।
उन्होंने कहा:
“तथास्तु, आपके सारे कार्य हो जाएंगे।”
हालांकि, इस जवाब पर विपक्ष पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आया।
जोगिंद्रनगर–मंडी मार्ग पर जनता त्रस्त
पठानकोट–मंडी नेशनल हाईवे पर जोगिंद्रनगर से मंडी के बीच चल रहे निर्माण कार्य ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
- जगह-जगह जाम
- धूल और मलबे से परेशानी
- खराब डायवर्जन
- सफर में कई घंटे की देरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में न तो सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है और न ही ट्रैफिक मैनेजमेंट का।
बड़ा सवाल: NHAI पर किसका कंट्रोल?
सदन में उठे इस मुद्दे ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—
क्या NHAI अधिकारियों पर राज्य सरकार का कोई नियंत्रण है?
अगर DC की बात नहीं मानी जा रही, तो जनता किसके पास जाए?
निष्कर्ष
फोरलेन निर्माण विकास का प्रतीक जरूर है, लेकिन अगर यही विकास लोगों के लिए मुसीबत बन जाए, तो सवाल उठना लाजमी है।
अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर कितनी सख्ती दिखाती है या यह मामला भी सिर्फ आश्वासनों तक ही सीमित रह जाता है।
Author: Polkhol News Himachal









