
एलएसडी तस्करी मामले में संदेह के घेरे में आए चार एसटीएफ कर्मी निलंबित
पोल खोल न्यूज़ | शिमला

एक करोड़ रुपये की एलएसडी तस्करी के मामले में शिमला पुलिस की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। अब इसमें सीआईडी के अधीन काम करने वाली स्पेशल टास्क फोर्स के कर्मियों की भूमिका ही संदेह के घेरे में आ गई है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीआईडी ने एसटीएफ के चार पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। हालांकि, अभी जांच एजेंसियां इस बात का खुलासा नहीं कर रही है कि एसटीएफ कर्मियों की इस पूरे मामले में किस स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता है।
बता दें कि शिमला पुलिस और सीआईडी दोनों अपने-अपने स्तर पर इसकी जांच कर रही है। निलंबित कर्मचारियों में दो हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल शामिल हैं। अभी तक जांच में पता चला है कि आरोपी शिमला से पहले एलएसडी को कुल्लू में बेचने के लिए पहुंचे थे। निलंबित चारों कर्मचारी भी कुल्लू में ही तैनात थे। इसके बाद आरोपी कुल्लू से शिमला पहुंचे। यहां पर बीसीएस में एक कमरे में ठहरे थे।
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गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल सेल की टीम ने कमरे में दबिश देकर संदीप शर्मा और प्रिया शर्मा को गिरफ्तार किया। इनके पास तलाशी के दौरान 562 स्ट्रीप वजन में 11.570 ग्राम एलएसडी बरामद की गई। जांच के बाद मामले में पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से केरल के कालीकट निवासी नविएल हैरिसन को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि संदीप और नविएल हैरिसन लंबे समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और एलएसडी की तस्करी में कर रहे थे।

Author: Polkhol News Himachal









