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डिपो धारकों का हक मार रही प्रदेश सरकार! NFSA पर बढ़ा कमीशन और POS प्रोत्साहन राशि भी नहीं दी, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

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डिपो धारकों का हक मार रही प्रदेश सरकार! NFSA पर बढ़ा कमीशन और POS प्रोत्साहन राशि भी नहीं दी, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

रजनीश शर्मा। हमीरपुर

प्रदेश के डिपो धारकों ने सरकार पर सीधा आर्थिक शोषण करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा तय कमीशन और प्वाइंट ऑफ सेल (POS) मशीन से राशन वितरण पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि अब तक नहीं दी गई। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश डिपो संचालक समिति ने उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने का निर्णय लिया है।

❗ केंद्र की अधिसूचना, प्रदेश में अधूरी लागू

डिपो संचालकों के अनुसार केंद्र सरकार ने 17 अगस्त 2015 को जारी अधिसूचना में विशेष श्रेणी के राज्यों, जिनमें हिमाचल प्रदेश भी शामिल है, को प्रति क्विंटल 143 रुपये कमीशन और POS मशीन से राशन वितरण पर 17 रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश दिए थे।

बाद में 23 मई 2022 को जारी नई अधिसूचना में यह कमीशन बढ़ाकर 143 से 180 रुपये प्रति क्विंटल तथा POS प्रोत्साहन राशि 17 से बढ़ाकर 26 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई, जिसे 1 अप्रैल 2022 से लागू किया जाना था।

डिपो संचालकों का आरोप है कि प्रदेश सरकार ने न तो बढ़ा हुआ 180 रुपये कमीशन दिया और न ही POS मशीन के माध्यम से वितरण पर मिलने वाली 26 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि।

💻 अपनी जेब से चला रहे POS मशीन

प्रदेश डिपो संचालक समिति के अध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि POS मशीनों को चलाने के लिए इंटरनेट सुविधा तक सरकार उपलब्ध नहीं करवा पाई।

उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों से डिपो धारक प्रति माह 470 रुपये वाई-फाई पर अपनी जेब से खर्च कर रहे हैं, ताकि राशन वितरण व्यवस्था बाधित न हो।

💰 75% हिस्सा केंद्र देता है, फिर भी भुगतान क्यों नहीं?

अधिसूचना के अनुसार डिपो धारकों को मिलने वाले कमीशन और प्रोत्साहन राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार राज्य को देती है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार द्वारा भुगतान न किया जाना डिपो संचालकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

समिति का कहना है कि खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक को पूरे मामले से अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

📢 चुनावी वादा भी अधूरा

अशोक कवि ने कहा कि विधानसभा चुनावों से पूर्व कांग्रेस पार्टी ने डिपो धारकों को 20 हजार रुपये मासिक वेतन देने का वादा अपने घोषणा पत्र में शामिल किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद अब तक यह वादा भी पूरा नहीं किया गया।

⚖️ अब हाईकोर्ट का सहारा

लगातार अनदेखी से आक्रोशित डिपो संचालक समिति ने साफ किया है कि यदि सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं निकाला तो वे उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपना हक मांगेंगे।

डिपो धारकों का कहना है कि वे जनता तक राशन पहुंचाने की अहम कड़ी हैं, लेकिन सरकार की बेरुखी ने उनकी आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है या फिर मामला अदालत तक पहुंचता है।


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