
शिमला में 78% सड़क हादसों की वजह नियमों की अनदेखी, 2025 में 102 लोगों की गई जान
पोल खोल न्यूज़ । शिमला
शिमला जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। पुलिस और परिवहन विभाग के आकलन में सामने आया है कि बीते वर्ष हुए करीब 78 प्रतिशत सड़क हादसे शराब पीकर वाहन चलाने, ओवर स्पीड, गलत ओवरटेकिंग और गलत लेन में ड्राइविंग के कारण हुए।
वर्ष 2025 में जिले में कुल 268 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 102 लोगों की मौत हो गई, जबकि 436 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। आंकड़ों के अनुसार शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण इलाकों में सड़क हादसों की संख्या कहीं अधिक है, जिसकी मुख्य वजह यातायात नियमों का लगातार उल्लंघन बताया जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 74 जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 194 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। शहरी इलाकों में हादसों का पीक टाइम शाम छह से रात 12 बजे तक रहा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में दोपहर तीन से रात नौ बजे तक सबसे अधिक दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। जिले में सबसे ज्यादा सड़क हादसे बालूगंज थाना क्षेत्र में हुए, जहां 40 दुर्घटनाओं में 10 लोगों की जान गई।
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रोहड़ू थाना क्षेत्र में 33 दुर्घटनाओं में 8 मौतें, न्यू शिमला में 21 दुर्घटनाओं में 6 मौतें, ठियोग में 21 हादसों में 7 मौतें और कुमारसैन थाना क्षेत्र में 18 दुर्घटनाओं में 10 लोगों की जान गई। पुलिस के अनुसार सख्ती के बावजूद नियमों की अनदेखी के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं, इसे देखते हुए इस वर्ष विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
🟦 इन्फो बॉक्स
कुल सड़क दुर्घटनाएं (2025): 268
कुल मौतें: 102
गंभीर घायल: 436
हादसों की मुख्य वजह: शराब पीकर ड्राइविंग, ओवर स्पीड, गलत ओवरटेकिंग
ग्रामीण क्षेत्र दुर्घटनाएं: 194
शहरी क्षेत्र दुर्घटनाएं: 74
एनएच पर हादसे: 114 (15 मौतें)
सबसे अधिक हादसे: बालूगंज थाना क्षेत्र

Author: Polkhol News Himachal









