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Himachal: आरडीजी खत्म होने के बावजूद केंद्रीय करों में हिमाचल की हिस्सेदारी 2,388 करोड़ बढ़ी, रेल विस्तार को 2,911 करोड़

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Himachal: आरडीजी खत्म होने के बावजूद केंद्रीय करों में हिमाचल की हिस्सेदारी 2,388 करोड़ बढ़ी, रेल विस्तार को 2,911 करोड़

पोल खोल न्यूज़ । शिमला


राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) समाप्त होने से हिमाचल प्रदेश को भले ही एक झटका लगा हो, लेकिन इसके बावजूद केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगले वित्त वर्ष में केंद्रीय करों से हिमाचल को मिलने वाली राशि में करीब 2,388 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है।

केंद्र सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2026-27 के लिए हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय कर हस्तांतरण के तहत 13,949 करोड़ रुपये मिलेंगे। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में यह राशि 11,806.30 करोड़ रुपये है। इससे पहले 2024-25 में राज्य को 10,124.81 करोड़ रुपये और 2023-24 में 9,374.72 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।

नए वित्त आयोग फॉर्मूले से बढ़ी हिस्सेदारी

16वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में हिमाचल प्रदेश की हिस्सेदारी 0.914 प्रतिशत तय की है, जबकि 15वें वित्त आयोग के तहत यह हिस्सेदारी 0.830 प्रतिशत थी। नए फॉर्मूले के लागू होने से केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी स्वाभाविक रूप से बढ़ी है, हालांकि वास्तविक राशि कर संग्रह की स्थिति पर भी निर्भर करेगी।

अनुदान सहायता और पूंजीगत व्यय

केंद्र सरकार ने 2025-26 के लिए हिमाचल प्रदेश को 10,243 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता का प्रावधान किया है। इसके अलावा, 2020-21 से 2025-26 की अवधि के दौरान पूंजीगत व्यय के लिए राज्य को 8,309 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

रेल विस्तार को 2,911 करोड़

केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए रेल विस्तार हेतु 2,911 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह राशि पूर्ववर्ती केंद्र सरकारों की तुलना में 27 गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 17,711 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिससे रेल नेटवर्क मजबूत होगा और लोगों को यात्रा में सुविधा मिलेगी।

रेल मंत्री के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के चार रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किए गए हैं, जिन पर 46 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बैजनाथ-पपरोला और अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि रेल नेटवर्क विस्तार में राज्य सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है और मुख्यमंत्री से परियोजनाओं में सहयोग की अपील की गई है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि नए फॉर्मूले के तहत हिमाचल का हिस्सा वास्तव में बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट अस्थायी व्यवस्था थी, जबकि 16वें वित्त आयोग ने टैक्स डेवोल्यूशन में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ाई है। उनके अनुसार, पोस्ट डेवोल्यूशन प्राप्ति 11,561.66 करोड़ से बढ़कर 13,949.97 करोड़ रुपये हो गई है।

वहीं, नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने भाजपा नेताओं पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने आरडीजी बंद कर हिमाचल के हितों की अनदेखी की है और जब तक टैक्स डेवोल्यूशन की माइक्रो स्टेटमेंट सामने नहीं आती, तब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी। उन्होंने भाजपा सांसदों से आरडीजी की बहाली के लिए दबाव बनाने की मांग की।

📌 इन्फो बॉक्स

केंद्रीय करों में हिमाचल की हिस्सेदारी

2026-27 : ₹13,949 करोड़

अनुमानित बढ़ोतरी : ₹2,388 करोड़

2025-26 : ₹11,806.30 करोड़

2024-25 : ₹10,124.81 करोड़

2023-24 : ₹9,374.72 करोड़

वित्त आयोग अनुसार हिस्सेदारी

16वां वित्त आयोग (2026-31) : 0.914%

15वां वित्त आयोग (2021-26) : 0.830%

14वां वित्त आयोग (2015-20) : 0.710%

केंद्र से सहायता

अनुदान सहायता (2025-26) : ₹10,243 करोड़

पूंजीगत व्यय (2020-21 से 2025-26) : ₹8,309 करोड़

रेल विस्तार

रेल बजट आवंटन : ₹2,911 करोड़

चल रही रेल परियोजनाएं : ₹17,711 करोड़

अमृत भारत योजना में स्टेशन : 4

अमृत योजना पर खर्च : ₹46 करोड़

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