
राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वयंसेवकों ने लिया नशा-मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प
रजनीश शर्मा | हमीरपुर
राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टौणी देवी में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक प्रेरणादायक, अनुशासनपूर्ण एवं सामाजिक चेतना से ओत-प्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह दिवस महान दार्शनिक, चिंतक और युवा प्रेरक स्वामी विवेकानंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिनके विचार आज भी युवाओं को आत्मबल, चरित्र निर्माण और राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशा-मुक्त, अनुशासित, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना रहा। विद्यालय के प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूँजी होती है। यदि यही शक्ति नशे, अनुशासनहीनता और दिशाहीनता की ओर भटक जाए, तो “विकसित भारत” का सपना कभी साकार नहीं हो सकता।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची शक्ति केवल शारीरिक या बौद्धिक क्षमता में नहीं, बल्कि चरित्र, आत्मसंयम और अनुशासन में निहित होती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विद्यालय केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित न रहकर जीवन-मूल्यों, नैतिकता, स्वच्छता और सामाजिक उत्तरदायित्व के सशक्त केंद्र बनें, यही समय की माँग है। कार्यक्रम अधिकारी विजय कुमार ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस मात्र एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के लिए आत्ममंथन और आत्मनिर्णय का अवसर है। आज समाज के सामने युवाओं में बढ़ता नशा एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जो न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को भी कमजोर करता है।
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उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाएँ और अपने आचरण से समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 12 की छात्रा खुशी द्वारा नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई गई। सभी स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे, दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेंगे तथा समाज को नशा-मुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। शपथ ग्रहण का यह क्षण अत्यंत गंभीर, भावपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष शिविर का भी आयोजन किया गया, जो स्वच्छता एवं अनुशासन पर आधारित था।
शिविर के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने विद्यालय परिसर, कक्षाओं तथा आसपास के क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि अनुशासित और स्वस्थ जीवन-शैली का प्रतीक है। स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण ही सकारात्मक सोच और सशक्त व्यक्तित्व के निर्माण में सहायक होता है। इस अवसर पर कक्षा 12 की छात्रा समीक्षा ने भी स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों और युवाओं के प्रति उनके संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विवेकानंद का संदेश आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक है, जो उन्हें आत्मविश्वास, सेवा-भाव और राष्ट्रप्रेम की दिशा में प्रेरित करता है। विद्यार्थियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें आत्मअनुशासन, टीम-वर्क और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराते हैं। उन्होंने यह भी माना कि नशा-मुक्ति, स्वच्छता और अनुशासन जैसे विषय युवाओं के जीवन से सीधे जुड़े हुए हैं और इन्हें विद्यालय स्तर पर निरंतर प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
Author: Polkhol News Himachal









