
एक थी बमसन : चुनावी इतिहास, दिग्गज चेहरे और बंटवारे के बाद बिखरी यादें
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में बमसन विधानसभा क्षेत्र का नाम लंबे समय तक खास महत्व रखता रहा। यह क्षेत्र केवल चुनावी आंकड़ों के लिए नहीं, बल्कि दिग्गज नेताओं, ऐतिहासिक मुकाबलों और सामाजिक-राजनीतिक बदलावों के लिए भी जाना जाता है। आंकड़े बमसन के चुनावी इतिहास को साफ-साफ बयां करते हैं। इसी बमसन ने प्रो प्रेम कुमार धूमल के रूप में प्रदेश को दो बार मुख्यमंत्री की कुर्सी प्रदान की। बमसन से ही जीते रणजीत सिंह वर्मा 1977 में शांता सरकार में उथल पुथल कर मुख्यमंत्री की कुर्सी से चंद कदम दूर रह गए । यहां आज भी बुजुर्ग विप्लव ठाकुर और चंद्रेश कुमारी के बमसन से संबंधों को याद कर राजनीति के इतिहास को ताजा करते हैं।
बमसन का चुनावी इतिहास : आंकड़ों की जुबानी
2007 विधानसभा चुनाव

- विजेता: प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल (भाजपा)
- कुल वोट: 35,054
- मुख्य प्रतिद्वंदी: कर्नल बिधि चंद (कांग्रेस) – 9,047 वोट
2003 विधानसभा चुनाव

- विजेता: प्रेम कुमार धूमल (भाजपा)
- वोट: 29,325 (करीब 66.73%)
- दूसरे स्थान पर: कुलदीप सिंह पठानिया (कांग्रेस) – 13,627 वोट
1998 विधानसभा चुनाव

- विजेता: प्रेम कुमार धूमल (भाजपा)
- वोट: 20,715 (60.34%)
- प्रतिद्वंदी: कुलदीप सिंह पठानिया – 11,887 वोट
तथ्य: प्रेम कुमार धूमल बमसन से तीन बार विधायक चुने गए और इस क्षेत्र को प्रदेश की राजनीति में राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
अन्य चुनाव और विधायक
- 1993: कुलदीप सिंह पठानिया (कांग्रेस) – 13,657 वोट
- 1990 व 1982: डॉ. लश्करी राम (भाजपा) – दो बार विधायक
- 1985: ठाकुर कर्म सिंह (कांग्रेस)
- 1977: रणजीत सिंह वर्मा (जनता पार्टी)
- 1972: चंद्रेश कुमारी (कांग्रेस)
तथ्य: बमसन ने समय-समय पर भाजपा, कांग्रेस और जनता पार्टी जैसे दलों को प्रतिनिधित्व दिया, जिससे यह क्षेत्र राजनीतिक संतुलन का उदाहरण बना।
2012 का परिसीमन : बमसन का बंटवारा
2012 में परिसीमन के बाद बमसन विधानसभा क्षेत्र का अस्तित्व समाप्त हो गया।
पुराना बमसन तीन हिस्सों में बंट गया—
- सुजानपुर
- भोरंज
- हमीरपुर
इसके साथ ही बमसन की एक अलग पहचान इतिहास बन गई, लेकिन इसकी राजनीतिक विरासत आज भी इन तीनों क्षेत्रों में महसूस की जाती है।

निष्कर्ष
बमसन विधानसभा क्षेत्र हिमाचल की राजनीति की नर्सरी रहा है।
यहां से:
- तीन बार विधायक बने प्रेम कुमार धूमल,
- दो बार चुने गए डॉ. लश्करी राम,
- और चंद्रेश कुमारी, रणजीत सिंह वर्मा, ठाकुर कर्म सिंह व कुलदीप पठानिया जैसे नेताओं ने प्रदेश की राजनीति को दिशा दी।
आज भले ही बमसन नक्शे पर न हो, लेकिन उसके चुनावी आंकड़े और नेता हिमाचल की राजनीति में हमेशा जिंदा रहेंगे।
Author: Polkhol News Himachal




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