
365 दिन… 24 घंटे… बिना थके, बिना छुट्टी — सेवा का नाम ही आशीष वर्मा , मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में एक फ़ार्मसिस्ट, जिसने सरकारी नौकरी को मानवता की सेवा बना दिया
रजनीश शर्मा। हमीरपुर

आज जब सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठते हैं, जब ड्यूटी टाइम और छुट्टी को लेकर बहसें आम हैं, ऐसे समय में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में तैनात फ़ार्मसिस्ट आशीष वर्मा ने चुपचाप, बिना प्रचार और बिना किसी अपेक्षा के, सेवा की ऐसी मिसाल कायम कर दी है जो पूरे सिस्टम को आईना दिखाती है।
सरकारी काग़ज़ों में उनकी ड्यूटी सीमित घंटों की है, लेकिन हक़ीक़त इससे बिल्कुल अलग है।
आशीष वर्मा पिछले छह वर्षों से अस्पताल में 365 दिन, 24×7 मरीजों के लिए उपलब्ध रहते हैं।
वर्ष 2025 में उन्होंने पूरे 365 दिन बिना एक भी अवकाश लिए सेवा दी, जबकि 2024 में भी 363 दिन अस्पताल में मौजूद रहकर मरीजों की ज़रूरतें पूरी कीं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रविवार, सरकारी अवकाश और छुट्टियों के दिनों में भी अस्पताल में मौजूद रहने के बावजूद उन्होंने कई बार अपनी हाज़िरी तक दर्ज नहीं करवाई, लेकिन मरीजों की सेवा में कभी कमी नहीं आने दी।
फ़ार्मसिस्ट आशीष वर्मा मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भर्ती उन मरीजों की पूरी व्यवस्था संभालते हैं, जो
आयुष्मान भारत, हिमकेयर, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत उपचार प्राप्त कर रहे होते हैं।
मरीजों को समय पर दवाइयाँ दिलवाना, स्टॉक खत्म होने से पहले प्रशासन को सूचित करना, और आवश्यकता पड़ने पर आयुष्मान कार्ड के माध्यम से बाहर से दवाइयाँ उपलब्ध करवाना—ये सब जिम्मेदारियाँ वे अकेले, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ निभाते हैं।
उनकी सबसे बड़ी पहचान है मरीजों के प्रति इंसानी व्यवहार।
ऐसा शायद ही कोई दिन हो जब उन्होंने किसी मरीज या परिजन का फोन न उठाया हो।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी मरीज उनसे संपर्क कर सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान पूछते हैं—और आशीष वर्मा बिना यह देखे कि “ड्यूटी टाइम है या नहीं”, हर संभव मदद करते हैं।
अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी भी उनकी कार्यशैली देखकर अक्सर हैरान रह जाते हैं।
डॉ. देशराज शर्मा, एमएस मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, फ़ार्मसिस्ट आशीष वर्मा की कार्यनिष्ठा की खुले शब्दों में सराहना करते हुए कहते हैं कि—
“आशीष वर्मा जैसे कर्मचारी ही स्वास्थ्य व्यवस्था की असली रीढ़ होते हैं। उनका समर्पण और सेवा भाव वास्तव में प्रेरणादायक है।”
निस्संदेह, आशीष वर्मा ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी नौकरी केवल वेतन या समय की पाबंदी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और मानवता का नाम है।
यही कारण है कि जब भी मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ईमानदार, मेहनती और समर्पित स्वास्थ्य कर्मियों की बात होती है, तो सबसे पहला नाम फ़ार्मसिस्ट आशीष वर्मा का लिया जाता है।
इन्फो बॉक्स | सेवा की असली तस्वीर
पिछले 6 वर्षों से लगातार मरीजों की सेवा
2025 में पूरे 365 दिन बिना अवकाश
2024 में 363 दिन अस्पताल में उपस्थिति
आयुष्मान भारत, हिमकेयर व मातृ स्वास्थ्य योजनाओं के मुख्य समन्वयक
मरीजों और परिजनों के लिए 24×7 उपलब्ध
ईमानदारी, संवेदनशीलता और सहानुभूति की मिसाल
आशीष वर्मा यह साबित करते हैं कि जब सेवा भावना सच्ची हो, तो सिस्टम भी इंसानियत से चलता है।


Author: Polkhol News Himachal









