
रानीताल–कोहली फोरलेन 31 मार्च तक होगा मुकम्मल, एनएचएआई ने कंपनियों को दी सख्त डेड लाइन
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
निर्माणाधीन मटौर–शिमला फोरलेन के कोहली से रानीताल तक के हिस्से पर सफर को सुहाना बनाने का इंतजार अभी जारी है। लगातार हो रही देरी के बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्माण में लगी दोनों कंपनियों को 31 मार्च तक कार्य पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं।
रानीताल–नादौन–कोहली मार्ग पर जिस हिस्से का निर्माण चल रहा है, उसमें फिलहाल कोहली से चील बहाल तक का हिस्सा टू-लेन ही रहेगा, जबकि इसके आगे लगभग 37 किलोमीटर का हिस्सा फोरलेन बनाया जाएगा। यह पूरा मार्ग हमीरपुर शहर के प्रवेश द्वार और एनएचएआई कार्यालय के समीप होने के कारण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार कोहली से चील बहाल तक 17 किलोमीटर के हिस्से का कार्य एक कंपनी के पास है, जबकि इसके आगे का 37 किलोमीटर लंबा फोरलेन दूसरे ठेकेदार को सौंपा गया है। अभी पूरा मार्ग टू-लेन टाइप में तैयार किया गया है। फोरलेन निर्माण के लिए 45 मीटर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता थी, लेकिन जमीन अधिग्रहण, बरसात में हुए नुकसान और तकनीकी अड़चनों के चलते कार्य में लगातार विलंब होता रहा।
घाट के पास हथली खड्ड पुल और उसके बाद ड्राइविंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य जारी है, जबकि कुम्हार खड्ड पर टू-लेन पुल का काम पूरा हो चुका है। वहीं, फोरलेन सड़क टाइप के डिजाइन को लेकर संबंधित विभागों से अभी अंतिम मंजूरी बाकी है।
एनएचएआई हमीरपुर स्थित प्रोजेक्ट ऑफिसर विक्रम मीणा ने बताया कि “कोहली से रानीताल तक फोरलेन निर्माण की वास्तविक स्थिति मार्च तक हर हाल में स्पष्ट कर दी जाएगी। डीपीआर के आधार पर अलग-अलग हिस्सों की समीक्षा की जा रही है। जिन स्थानों पर तकनीकी या भूमि संबंधी दिक्कतें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जा रहा है। दोनों कंपनियों को 31 मार्च 2026 तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं और निर्माण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।”
अधिकारियों का कहना है कि फोरलेन निर्माण पूरा होने के बाद हमीरपुर शहर में ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होगा और शिमला सहित अन्य क्षेत्रों की ओर यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगी। फिलहाल लोगों को 31 मार्च तक इस अहम सड़क परियोजना के पूरा होने का इंतजार करना होगा।


Author: Polkhol News Himachal









