
पटवारी भर्ती शुल्क में समानता का निर्णय सामाजिक न्याय की दिशा में अहम कदम: राजपूत महासभा
रजनीश शर्मा | हमीरपुर
प्रदेश सरकार द्वारा पटवारी भर्ती प्रक्रिया में सभी अभ्यर्थियों के लिए एक समान शुल्क निर्धारित करने के निर्णय का न केवल राजपूत महासभा बल्कि सारा सामान्य वर्ग स्वागत करता है बिना किसी जातीय भेदभाव के लिए गए इस निर्णय से जहां संविधान की समानता और सामाजिक न्याय की धारणा का सम्मान हुआ है वहीं जातीय भेदभाव को खत्म करने की तरफ भी ये पहला कदम साबित होगा । सभा सरकार के इस निर्णय के साथ चट्टान की तरह खड़ी है इस मामले में सरकार किसी भी तरह के दवाब से पीछे न हटे।
अगर किसी को भी आपत्ति हो तो तमाम वर्गों के लिए फीस में कमी की मांग की जा सकती है या इसके लिए आर्थिक आधार तय करने की मांग की जाए। जातीय आधार पर भेदभाव और जातीय वैमनस्य फैलाना न देश हित में है न समाज हित में। गरीबी और अमीरी जाति देखकर नहीं आती । SC / ST में भी करोड़पति हैं और सामान्य वर्ग में भी अति गरीब लोग हैं।
ये भी पढ़ें :प्रतिभा, सेवा और अनुशासन का संगम – कबीर का राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस परेड हेतु चयन
सामाजिक न्याय और समानता की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए सरकार सभी सुविधाओं के लिए आर्थिक आधार को लेकर ही आगे बढ़े ताकि सर्वसमाज का उत्थान संभव हो।
यह बयान सभा के महासचिव जोगिंदर ठाकुर,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुबीर सिंह राणा, होशियार सिंह ठाकुर, महिला विंग की जिला संयोजक वीना पठानिया और लीगल विंग अध्यक्ष एडवोकेट दिनेश ठाकुर ,जिला कार्यकारिणी सदस्य जसवीर ठाकुर , महिंद्र भारद्वाज ,परवीन लक्की और सुदेश ठाकुर ने संयुक्त रूप से जारी किया।


Author: Polkhol News Himachal









