
दोपहिया वाहनों पर सामान लादकर बिक्री करने वाले मोटर व्हीकल एक्ट का कर रहे उल्लंघन
रजनीश शर्मा । हमीरपुर
जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बाहरी राज्यों से आए कुछ लोग दोपहिया वाहनों पर कुर्सियां, बैड, हमाम व गद्दों जैसे भारी सामान लादकर गांव-गांव घूमकर बिक्री कर रहे हैं। सुबह के समय ये लोग बाइक या स्कूटी के पीछे बड़ा-बड़ा सामान बांधकर सड़कों पर निकल पड़ते हैं, जिससे हर पल दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
संकरी सड़कों व तीखे मोड़ों पर इस तरह ओवरलोडेड बाइक का संतुलन बिगड़ने की आशंका बनी रहती है। कई बार ये लोग बेड तक दोपहिया वाहनों पर बांधकर ले जाते हैं, जो स्वयं उनके लिए भी खतरा है और अन्य राहगीरों के लिए भी। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही हर वर्ष लगभग चार महीने तक ऐसे व्यापारी इलाके में पहुंचकर इस तरह की बिक्री करते हैं।
इस गतिविधि से जहां आबकारी विभाग को टैक्स का नुकसान हो रहा है, वहीं स्थानीय दुकानदारों का व्यापार भी प्रभावित होता है।
जहां दोपहिया वाहनों पर भारी सामान लादकर बिक्री करना मोटर व्हीकल एक्ट का गंभीर उल्लंघन है वहीं दुर्घटना और सड़क सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ये भी पढ़ें :सुजानपुर में सियासी तापमान गरम : कैप्टन–राणा आमने-सामने, 2027 की जंग का ढोल अभी से बजने लगा

उल्लंघनों के प्रमुख कारण और परिणाम:
ओवरलोडिंग : मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत, दोपहिया वाहनों को केवल एक चालक और एक यात्री के लिए डिज़ाइन किया गया है। अतिरिक्त सामान लादना जो वाहन के वजन और संतुलन को बिगाड़ता है, एक खतरनाक और दंडनीय अपराध है।
दंडात्मक कार्रवाई:

जुर्माना: दोपहिया वाहन पर ओवरलोडिंग के लिए ₹2,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है।
लाइसेंस निलंबन: इस नियम का उल्लंघन करने पर आपका ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।
जोखिम :
दुर्घटना: ओवरलोडिंग से वाहन का संतुलन बिगड़ता है, जिससे आपके और सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए गंभीर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
Author: Polkhol News Himachal









