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छत्रैल की एकजुटता से मजबूत हुए रविंद्र ठाकुर, बारी पंचायत में फिर जीत की ओर बढ़ते कदम

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छत्रैल की एकजुटता से मजबूत हुए रविंद्र ठाकुर, बारी पंचायत में फिर जीत की ओर बढ़ते कदम

बारी गांव के बिखराव और छत्रैल की एकता ने बदले चुनावी समीकरण

प्रधान पद की जंग रविंद्र ठाकुर और सुनील कुमार सन्नी के बीच सिमटी, शुरुआती बढ़त रविंद्र के पक्ष में

रजनीश शर्मा। हमीरपुर

ग्राम पंचायत बारी में प्रधान पद को लेकर चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है और अब समीकरण तेजी से पूर्व प्रधान रविंद्र ठाकुर के पक्ष में बनते दिखाई दे रहे हैं। पंचायत के सबसे बड़े गांव छत्रैल की एकजुटता रविंद्र ठाकुर की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है, जबकि बारी गांव में वोटों का बिखराव उनके विरोधियों के लिए चुनौती बन गया है।

ग्राम पंचायत बारी के कुल सात वार्डों में छत्रैल गांव के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक मानी जाती है। इस बार रविंद्र ठाकुर छत्रैल गांव से अकेले उम्मीदवार के रूप में मैदान में हैं, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिलता नजर आ रहा है। दूसरी ओर उनका सीधा मुकाबला बारी गांव के सुनील कुमार सन्नी से माना जा रहा है। खास बात यह है कि बारी गांव से एक अन्य प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में उतर चुका है, जिससे वोटों के बंटने की संभावना और अधिक बढ़ गई है।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो पंचायत के पिछले चुनावों का इतिहास भी यही दर्शाता है कि जब-जब बारी गांव से प्रधान पद के लिए दो या उससे अधिक प्रत्याशी मैदान में उतरे, तब-तब वहां के उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। कई बार तो उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा पाए। ऐसे में इस बार भी यही समीकरण रविंद्र ठाकुर के पक्ष में जाते दिखाई दे रहे हैं।

इन्फो बॉक्स

पंचायत चुनाव : प्रमुख समीकरण

पंचायत के 7 वार्डों में छत्रैल गांव के सबसे अधिक वोट

रविंद्र ठाकुर छत्रैल से अकेले उम्मीदवार

सुनील कुमार सन्नी का मुख्य मुकाबला रविंद्र से

बारी गांव से एक और प्रत्याशी मैदान में

बारी गांव में वोट बिखरने की संभावना

चाहड़ वार्ड में भी रविंद्र की मजबूत पकड़

रिश्तेदारी फैक्टर भी दिला सकता है फायदा

 

पिछले पंचायत चुनाव में भी छत्रैल गांव से दो उम्मीदवार मैदान में होने के बावजूद रविंद्र ठाकुर ने अच्छी बढ़त के साथ जीत दर्ज की थी। इस बार वह अपने गांव से अकेले प्रत्याशी हैं, जिससे उनका जनाधार और मजबूत माना जा रहा है। पंचायत के चाहड़ वार्ड में भी उनकी अच्छी पकड़ बताई जा रही है, जबकि बारी गांव में रिश्तेदारी और व्यक्तिगत संपर्कों का लाभ भी उन्हें मिलता नजर आ रहा है।

राजनीतिक तौर पर सबसे बड़ा फैक्टर इस बार छत्रैल गांव की एकजुटता को माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर बारी गांव में मतों का बिखराव चुनावी तस्वीर बदल सकता है। हालांकि सुनील कुमार सन्नी भी चुनावी मैदान में मजबूती से डटे हुए हैं, लेकिन जीत हासिल करने के लिए उन्हें कड़ी चुनौतियों से गुजरना पड़ रहा है।

15 मई को चुनाव चिन्ह मिलने के बाद चुनाव प्रचार और तेज होने की संभावना है। इसके बाद पंचायत की तस्वीर और अधिक स्पष्ट होती नजर आएगी। फिलहाल शुरुआती माहौल में रविंद्र ठाकुर बढ़त बनाते दिखाई दे रहे हैं।

इन्फो बॉक्स

चुनाव प्रचार को लेकर बढ़ेगी सरगर्मी

15 मई को मिलेंगे चुनाव चिन्ह

इसके बाद तेज होगा प्रचार अभियान

गांव-गांव बैठकों का दौर होगा शुरू

युवा मतदाता निभाएंगे अहम भूमिका

पंचायत में सीधी टक्कर पर सबकी नजर


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