
टौणी देवी की छात्रा श्रद्धा शर्मा का विद्याधन रेजिडेंशियल ट्रेनिंग कैंप के लिए चयन
प्रिया चौहान । टौणी देवी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टौणी देवी के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। विद्यालय की कक्षा +2 की मेधावी छात्रा श्रद्धा शर्मा का चयन विद्याधन छात्रवृत्ति कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित होने वाले विद्याधन रेजिडेंशियल ट्रेनिंग कैंप के लिए हुआ है। यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 8 जुलाई से 12 जुलाई तक बाहरा यूनिवर्सिटी, वाकनाघाट (सोलन) में आयोजित किया जाएगा। इससे पहले उसे +1 एवं +2 कक्षाओं के दौरान विद्याधन छात्रवृत्ति के अंतर्गत प्रतिवर्ष ₹10,000 की छात्रवृत्ति मिल चुकी हैं। अब इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने का अवसर उनके शैक्षणिक जीवन की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विद्याधन छात्रवृत्ति कार्यक्रम भारत के प्रतिष्ठित सरोजिनी दामोदरन फाउंडेशन की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आर्थिक सहायता, मार्गदर्शन तथा व्यक्तित्व विकास के अवसर उपलब्ध कराना है। यह कार्यक्रम केवल छात्रवृत्ति प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, नेतृत्व क्षमता, करियर योजना और जीवन कौशल विकसित करने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन कार्यक्रमों से भी जोड़ता है। इस योजना के अंतर्गत +1 से आरंभ होने वाली छात्रवृत्ति विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के दौरान भी विभिन्न व्यावसायिक एवं स्नातक पाठ्यक्रमों तक जारी रहती है तथा पाठ्यक्रम के प्रकार के अनुसार छात्रवृत्ति राशि में भी वृद्धि की जाती है। विद्यालय प्रशासन के अनुसार, विद्याधन रेजिडेंशियल ट्रेनिंग कैंप का उद्देश्य चयनित विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, करियर मार्गदर्शन तथा जीवन कौशल को सुदृढ़ बनाना है। इस शिविर में विभिन्न राज्यों से चयनित विद्यार्थियों को विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों एवं प्रेरक वक्ताओं के साथ संवाद करने, नई तकनीकों को सीखने तथा अपने भविष्य की स्पष्ट दिशा निर्धारित करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान आत्मविश्वास, लक्ष्य निर्धारण, प्रभावी संचार, टीमवर्क, समस्या समाधान, समय प्रबंधन तथा सकारात्मक सोच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।गांव ढानगु निवासी तेजिंदर शर्मा की पुत्री श्रद्धा शर्मा की इस उपलब्धि पर विद्यालय में हर्ष का वातावरण है। शिक्षकों ने बताया कि श्रद्धा प्रारंभ से ही अध्ययनशील, अनुशासित एवं परिश्रमी छात्रा रही हैं। उनकी लगन, नियमितता और सीखने की निरंतर इच्छा ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। विद्यालय परिवार का मानना है कि यह सफलता केवल श्रद्धा की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय एवं क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह उपलब्धि ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरक उदाहरण है कि कठिन परिश्रम, सही मार्गदर्शन और उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करके राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई जा सकती है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने श्रद्धा को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को ऐसे अवसरों से जोड़ना भी है जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक हों। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्रद्धा इस प्रशिक्षण शिविर से प्राप्त अनुभवों और सीख का उपयोग अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के साथ-साथ विद्यालय, क्षेत्र एवं प्रदेश का नाम रोशन करने में करेंगी। श्रद्धा ने इस अवसर को अपने जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए विद्यालय, शिक्षकों और अपने अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर उनके व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता तथा भविष्य की तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा
Author: Polkhol News Himachal








