
हादसों का सफर बनता जा रहा हमीरपुर–आवाहदेवी हाईवे: दरकोटी में पुलिस चौकी के पास स्कूटी और कार की जबरदस्त टक्कर
देर रात करीब एक बजे हुआ हादसा, तीन घायल हमीरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर
रजनीश शर्मा | हमीरपुर

हमीरपुर–आवाहदेवी हाईवे पर सड़क हादसों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। नेशनल हाईवे संख्या-03 के खुलने के बाद जहां वाहनों की रफ्तार बढ़ी है, वहीं दुर्घटनाओं की संख्या भी चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। शुक्रवार देर रात करीब एक बजे टौणी देवी पुलिस चौकी के समीप दरकोटी गांव में एक स्कूटी और कार की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।
हादसा इतना भीषण था कि स्कूटी और कार क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में तीन लोग घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हमीरपुर रेफर कर दिया गया।
लगातार बढ़ रहे हादसों से बढ़ी चिंता
हमीरपुर–आवाहदेवी मार्ग पर हाल के दिनों में कई सड़क हादसे सामने आ चुके हैं। बारी मंदिर, कोल्हूसिद्ध और झनिक्कर क्षेत्र में भी हुए सड़क हादसों में कई लोग घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे बनने के बाद वाहनों की तेज रफ्तार, लापरवाही और सड़क सुरक्षा उपायों की कमी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही है।
हादसे रोकने के लिए जरूरी कदम
संवेदनशील स्थानों पर स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन कराया जाए।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड कैमरे और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।
रात के समय पुलिस गश्त और ट्रैफिक निगरानी बढ़ाई जाए।
हाईवे पर रिफ्लेक्टर, कैट-आई और चेतावनी संकेतक पर्याप्त संख्या में लगाए जाएं।
ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उनका वैज्ञानिक तरीके से सुधार किया जाए।
ओवरस्पीडिंग और खतरनाक ड्राइविंग पर नियमित चालान अभियान चलाया जाए।
रात में वाहन चलाते समय बरतें ये सावधानियां
निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन न चलाएं।
हेलमेट और सीट बेल्ट का हमेशा उपयोग करें।
शराब या नशे की हालत में वाहन बिल्कुल न चलाएं।
हेडलाइट, ब्रेक और इंडिकेटर की जांच करके ही सफर शुरू करें।
ओवरटेक केवल सुरक्षित स्थान पर करें।
थकान या नींद आने पर वाहन रोककर आराम करें।
सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी में गति धीमी रखें।
बारिश या धुंध में अतिरिक्त सावधानी बरतें और पर्याप्त दूरी बनाए रखें।
हमीरपुर–मंडी नेशनल हाईवे-03 में महसूस की जा रही प्रमुख कमियां
कई स्थानों पर सड़क किनारे मजबूत क्रैश बैरियर और सुरक्षा रेलिंग का अभाव।
मोड़ों पर पर्याप्त रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड और चेतावनी संकेत नहीं।
कुछ हिस्सों में स्ट्रीट लाइट की कमी, जिससे रात में दृश्यता प्रभावित होती है।
कई जगह सर्विस लेन और सुरक्षित कट (यू-टर्न) की व्यवस्था पर्याप्त नहीं।
पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित क्रॉसिंग और चेतावनी संकेतों की कमी।
कुछ स्थानों पर बारिश के दौरान जल निकासी (ड्रेनेज) की समस्या।
सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियोजित पार्किंग से दुर्घटना का खतरा बढ़ता है।
जनता की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और पुलिस विभाग से मांग की है कि हमीरपुर–आवाहदेवी हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसों को गंभीरता से लेते हुए दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर तत्काल सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में होने वाली जान-माल की हानि को रोका जा सके।









Author: Polkhol News Himachal








