
हरिहर उदासीन आश्रम कलांझड़ी के महात्मा नारायण दास हुए ब्रह्मलीन
पिछले कुछ दिनों से चल रहे थे बीमार, बुधवार को गोविंदघाट में होगा अंतिम संस्कार
रजनीश शर्मा । हमीरपुर
हमीरपुर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले हरिहर उदासीन आश्रम कलांझड़ी (सराहकड़) के महात्मा नारायण दास जी मंगलवार सायं ब्रह्मलीन हो गए। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और आश्रम में ही उनका उपचार एवं सेवा की जा रही थी।
महात्मा नारायण दास जी का अंतिम संस्कार उदासीन मत की परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार बुधवार को सराहकड़ स्थित गोविंदघाट में किया जाएगा। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।
पुश्तैनी पुजारी माता कलांझड़ी देवी अजय राँगड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि महात्मा नारायण दास जी 15 मई 2000 को हरिहर उदासीन आश्रम कलांझड़ी पहुंचे थे। तब से वह निरंतर आश्रम की सेवा, धार्मिक गतिविधियों और समाज सेवा में समर्पित भाव से जुड़े रहे।
उन्होंने बताया कि महात्मा जी ने अपने जीवन का अधिकांश समय आध्यात्मिक साधना, धार्मिक प्रवचनों और जनकल्याण के कार्यों में व्यतीत किया। उनके ब्रह्मलीन होने से संत समाज और क्षेत्रवासियों को अपूरणीय क्षति पहुंची है।
प्रमुख बिंदु
मंगलवार शाम हुए ब्रह्मलीन
पिछले कुछ दिनों से थे बीमार
15 मई 2000 से कर रहे थे आश्रम की सेवा
बुधवार को गोविंदघाट में होगा अंतिम संस्कार
क्षेत्र में शोक की लहर
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Author: Polkhol News Himachal








