
शर्मनाक : जंजीरों में कैद की बुजुर्ग मां : बेटे-बहू के जुल्म से समाजसेवी संस्था ने मुक्त करवाया
पोल खोल न्यूज। अमृतसर/ पंजाब

मानवता को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना अमृतसर से सामने आई है, जहां एक 75 वर्षीय वृद्ध मां को उसके ही बेटे और बहू ने जंजीरों में बांधकर अमानवीय यातनाएं दीं। कई दिनों तक दर्द और बेबसी सहती रही इस मां को आखिरकार समाजसेवी संस्था की मदद से आज़ाद कराया गया, लेकिन उसकी आंखों में बसे दर्द के जख्म अब भी ताजा हैं।

बताया जा रहा है कि 14 अप्रैल को वृद्धा को उसके ही घर में जंजीरों से बांध दिया गया था। कमजोर शरीर और टूटे मन के साथ वह लगातार मदद की आस लगाए बैठी रही। जब मामला सामने आया तो समाजसेवियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मुक्त करवाया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

इलाज के बाद जब वृद्धा को आश्रम में रखा गया, तो उसके शब्दों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। उसने साफ शब्दों में कहा— “मैं अब घर वापस नहीं जाऊंगी, चाहे मुझे मार ही क्यों न दें, अब यहीं रहूंगी।” यह वाक्य उसके भीतर के दर्द और डर को साफ बयां करता है।

डॉक्टरों के अनुसार, लगातार अत्याचार और उपेक्षा के कारण वृद्धा का वजन काफी घट गया था और वह मानसिक रूप से भी गहरे सदमे में थी। हालांकि अब आश्रम में देखभाल और संतुलित आहार मिलने से उसकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

इस अमानवीय घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक ओर मां अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी कुर्बान कर देती है, वहीं दूसरी ओर उसी मां को इस तरह की यातनाएं देना इंसानियत पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

महिला आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज के उन कड़वे सचों की कहानी है, जहां रिश्तों की गरिमा और इंसानियत दोनों ही दम तोड़ती नजर आ रही हैं।
Author: Polkhol News Himachal








