
🌦️ हिमाचल में कमजोर रहेगा मानसून, कई क्षेत्रों में कम बारिश का अनुमान
पोल खोल न्यूज़ । शिमला

हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मानसून कमजोर रहने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 30 सितंबर के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि लाहौल-स्पीति में औसत से अधिक और हमीरपुर, किन्नौर व चंबा जिलों में सामान्य बारिश का अनुमान जताया गया है।

मौसम वैज्ञानिक शोभित कटारिया ने बताया कि संभावित एल नीनो स्थिति के चलते मानसून कमजोर रह सकता है। एल नीनो के दौरान प्रशांत महासागर में समुद्र का तापमान बढ़ता है और हवाएं कमजोर पड़ती हैं, जिससे भारत में बारिश प्रभावित होती है। हालांकि इंडियन ओशन डाइपोल के सकारात्मक प्रभाव से मानसून के अंतिम चरण में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है।

🌤️ आज का मौसम (16 अप्रैल)
- मैदानी और निचले पहाड़ी क्षेत्र: मौसम शुष्क रहेगा
- मध्य पर्वतीय क्षेत्र: एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश
- उच्च पर्वतीय क्षेत्र: हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना
⚠️ आने वाले दिनों का अलर्ट
- शुक्रवार: चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी में ओलावृष्टि, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी
- शनिवार-रविवार: कई क्षेत्रों में तेज हवाएं और खराब मौसम का अलर्ट
- 16 अप्रैल रात से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना

📉 बारिश का ट्रेंड (पिछले 20 साल)
पिछले दो दशकों में हिमाचल में ज्यादातर वर्षों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
- 2010: 10% अधिक बारिश
- 2018 व 2023: 21% अधिक
- 2025: 39% अधिक बारिश
विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी सामान्य से अधिक बारिश हुई है, तब प्रदेश में आपदाएं भी बढ़ी हैं।
🌡️ तापमान अपडेट
- केलोंग: न्यूनतम 1.3°C
- ऊना: अधिकतम 34.5°C

📊 इन्फो बॉक्स
- ☔ मानसून अवधि: 1 जून – 30 सितंबर
- 📉 अनुमान: अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश
- 🌧️ अपवाद: लाहौल-स्पीति में अधिक बारिश संभव
- ⚠️ कारण: एल नीनो प्रभाव
- 🌊 सहायक फैक्टर: इंडियन ओशन डाइपोल
- 🌬️ ताजा सिस्टम: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय
- ⛈️ अलर्ट: ओले, आंधी-तूफान, बिजली गिरने की चेतावनी
Author: Polkhol News Himachal








