best news portal development company in india

हमीरपुर में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक: एक ही दिन में दो मासूमों पर हमला, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

SHARE:

हमीरपुर में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक: एक ही दिन में दो मासूमों पर हमला, प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल

हमीरपुर के गोपाल नगर क्षेत्र में आवारा कुत्तों ने दो बच्चों को बनाया निशाना, दोनों अस्पताल में भर्ती; लोगों ने स्थायी समाधान की उठाई मांग

पोल खोल न्यूज | हमीरपुर

हमीरपुर जिला में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिला मुख्यालय के समीप स्थित गोपाल नगर क्षेत्र में शुक्रवार को आवारा कुत्तों ने दो मासूम बच्चों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों बच्चों को उपचार के लिए डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, पहला मामला गोपाल नगर का है, जहां करीब छह वर्षीय एक बच्ची पर अचानक एक आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्ची की टांग पर कई जगह गहरे घाव कर दिए। इसके कुछ ही समय बाद कृष्णा नगर वार्ड नंबर-1 की इंदिरा कॉलोनी में एक अन्य आवारा कुत्ता दो वर्षीय बच्चे के कमरे में घुस गया और उसके कूल्हे पर काट लिया। दोनों बच्चों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। कई बार जिला प्रशासन और नगर निकाय से इन कुत्तों को पकड़ने तथा उनकी संख्या नियंत्रित करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। इसके चलते लोगों में लगातार डर का माहौल बना हुआ है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी हमीरपुर में आवारा कुत्तों के हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पूर्व में एक मासूम बच्ची की आवारा कुत्तों के हमले में दर्दनाक मौत भी हो चुकी है। उस घटना के बाद सरकार और प्रशासन ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला।

उधर, नगर निगम आयुक्त राकेश शर्मा ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में जल्द ही डॉग कैचर टीम भेजी जाएगी। साथ ही आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनके टीकाकरण की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

लोगों की मांग

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभावी अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और मासूम को इस तरह की घटना का शिकार न होना पड़े।

Leave a Comment

error: Content is protected !!

Follow Us Now