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हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल: 30 मई तक तीन चरणों में होगा मतदान, आचार संहिता लागू

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हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल: 30 मई तक तीन चरणों में होगा मतदान, आचार संहिता लागू

पोल खोल न्यूज़ । शिमला

हिमाचल प्रदेश में नगर निकायों के बाद अब ‘गांव की सरकार’ चुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को पंचायती राज संस्थाओं के लिए चुनावी शेड्यूल जारी कर दिया है। प्रदेश की 3,754 पंचायतों में कुल 50,79,048 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 52,349 युवा पहली बार वोट डालेंगे।

📅 चुनाव का महत्वपूर्ण शेड्यूल

चुनाव की अधिसूचना 29 अप्रैल को जारी की जाएगी। मतदान तीन चरणों में संपन्न होगा:

  • प्रथम चरण: 26 मई

  • द्वितीय चरण: 28 मई

  • तृतीय चरण: 30 मई

  • नामांकन: 7, 8 और 11 मई को।

  • नतीजे: प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य के परिणाम मतदान के दिन ही आएंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति के नतीजे 31 मई को घोषित होंगे।


🗳️ मतदाता और मतदान केंद्र: मुख्य आंकड़े

इस बार चुनाव में कांगड़ा सबसे बड़ा और लाहौल-स्पीति सबसे छोटा जिला है।

विवरण आंकड़े
कुल मतदाता 50,79,048
पुरुष मतदाता 25,67,770
महिला मतदाता 25,11,249
कुल मतदान केंद्र 21,678
सबसे ऊंचा मतदान केंद्र कौमिक स्कूल (4587 मीटर, लाहौल-स्पीति)

रोचक तथ्य: पांवटा साहिब की भाटावाली पंचायत में सर्वाधिक 4,623 मतदाता हैं, जबकि पूह की सुमरा पंचायत में सबसे कम 178 मतदाता पंजीकृत हैं।


🎨 भ्रम दूर करने के लिए अलग-अलग रंगों के मतपत्र

मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने 60 लाख मतपत्र तैयार किए हैं, जिनके रंग पद के अनुसार अलग-अलग होंगे:

  • प्रधान: हल्का हरा

  • उपप्रधान: पीला

  • वार्ड सदस्य: सफेद

  • पंचायत समिति सदस्य: गुलाबी

  • जिला परिषद सदस्य: हल्का नीला


⚠️ चुनाव के कड़े नियम और निर्देश

  1. पहचान पत्र अनिवार्य: मतदान के लिए फोटो पहचान पत्र जरूरी है। आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित 16 वैकल्पिक दस्तावेज मान्य होंगे।

  2. ड्राय डे: मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना तक शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

  3. खर्च की सीमा: जिला परिषद सदस्य के लिए 1 लाख रुपये की सीमा तय है, अन्य पदों के लिए कोई सीमा नहीं है।

  4. पात्रता: वन भूमि पर कब्जा करने वाले (यदि नियमितीकरण का आवेदन किया है) चुनाव लड़ सकेंगे, लेकिन चिट्टे के आरोपियों और सरकारी कर्मचारियों पर रोक है।

  5. बुजुर्गों के लिए नियम: 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को इस बार मतदान केंद्र पर ही आकर वोट डालना होगा।

📱 पारदर्शिता के लिए तकनीक का सहारा

आयोग ने DPMIS ऐप लॉन्च किया है। इसके जरिए मतदाता उम्मीदवारों की चल-अचल संपत्ति, शैक्षणिक योग्यता और आपराधिक रिकॉर्ड की रियल-टाइम जानकारी देख सकेंगे। चुनाव ड्यूटी के लिए प्रदेश भर में 56 हजार कर्मचारियों को तैनात किया गया है।


नोट: कुल्लू जिले की चार पंचायतों (करजां, सोयल, जाबन और नम्होल) में फिलहाल चुनाव नहीं होंगे क्योंकि इनका कार्यकाल 2027 में पूरा होगा।

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