
सॉफ्टवेयर अपडेट से गैस बुकिंग रद्द: हजारों उपभोक्ता परेशान, दोबारा बुकिंग की मजबूरी
पोल खोल न्यूज़ डेस्क । शिमला
ईरान युद्ध के बीच देश में गैस संकट के हालात और गंभीर हो गए हैं। हिमाचल प्रदेश में गैस एजेंसियों के सॉफ्टवेयर अपडेट और ई-केवाईसी अनिवार्य होने के चलते हजारों उपभोक्ताओं की गैस सिलिंडर बुकिंग रद्द हो गई है।
जानकारी के अनुसार, 31 मार्च को प्रदेश की अधिकांश गैस एजेंसियों के सॉफ्टवेयर अपडेट किए गए, जिसके चलते 20 मार्च के बाद की गई और अभी तक डिलीवर न हुई सभी बुकिंग अपने आप रद्द हो गईं। इससे उपभोक्ताओं को अब दोबारा सिलिंडर बुक करना पड़ रहा है।
कई गैस एजेंसियों की ओर से भी उपभोक्ताओं को नई बुकिंग कराने के लिए कहा जा रहा है। ऐसे में लोग सिलिंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। कई उपभोक्ता ऐसे भी हैं, जिन्हें यह जानकारी ही नहीं है कि उनकी बुकिंग रद्द हो चुकी है और वे अभी भी सिलिंडर का इंतजार कर रहे हैं।
स्थिति यह है कि कई जगह बुकिंग के 10 से 15 दिन बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा। नए नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद सिलिंडर मिल रहा है। कई उपभोक्ताओं की वेटिंग 40 दिन से अधिक हो चुकी है, जबकि एक सिलिंडर सामान्यतः एक महीने ही चलता है।
वित्त वर्ष बदलने से उपभोक्ताओं को एक और नुकसान झेलना पड़ा है। एक साल में मिलने वाले 12 सिलिंडरों का कोटा अब नए वित्त वर्ष में गिना जाएगा। जिन उपभोक्ताओं के पिछले साल के सिलिंडर बचे हुए थे, वे उसका लाभ नहीं ले पाए।
प्रदेश में करीब 191 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनमें इंडेन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत गैस जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन एजेंसियों के पास लाखों उपभोक्ता पंजीकृत हैं।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सोलन श्रवण हिमालयन ने कहा कि 31 मार्च को सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण बुकिंग रद्द हुई हैं। एजेंसी मालिकों को निर्देश दिए जाएंगे कि 31 मार्च से पहले की गई बुकिंग वाले उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत सिलिंडर उपलब्ध करवाएं। आदेशों की अवहेलना करने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में बद्दी में एक गैस एजेंसी का लाइसेंस भी निलंबित किया गया है।
इन्फो बॉक्स:
- समस्या: सॉफ्टवेयर अपडेट से गैस बुकिंग रद्द
- प्रभावित: हजारों उपभोक्ता
- कारण: ई-केवाईसी अनिवार्य + सिस्टम अपडेट
- नई परेशानी: दोबारा बुकिंग, लंबी वेटिंग
- वेटिंग टाइम: शहर में ~25 दिन, ग्रामीण में ~45 दिन
- एजेंसियां: प्रदेश में 191
- कोटा: साल में 12 सिलिंडर
- प्रशासन का आदेश: पुरानी बुकिंग वालों को तुरंत सप्लाई
Author: Polkhol News Himachal








