best news portal development company in india

हिमाचल में प्री-प्राइमरी स्कूल और डे-केयर पर सख्ती: बिना रजिस्ट्रेशन नहीं चलेगा कोई केंद्र

SHARE:

🏫 हिमाचल में प्री-प्राइमरी स्कूल और डे-केयर पर सख्ती: बिना रजिस्ट्रेशन नहीं चलेगा कोई केंद्र

पोल खोल न्यूज़ । शिमला 

हिमाचल प्रदेश सरकार ने छोटे बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्री-प्राइमरी स्कूल और डे-केयर केंद्रों के संचालन को लेकर कड़े नियम लागू कर दिए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा अधिसूचित बाल्यावस्था देख-रेख और शिक्षा केंद्र (रजिस्ट्रेशन और विनियमन) नियम 2026 के तहत अब बिना पंजीकरण कोई भी केंद्र संचालित नहीं किया जा सकेगा।

📲 ऑनलाइन आवेदन होगा अनिवार्य

सभी केंद्रों को पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सरकार एक माह के भीतर इसके लिए पोर्टल शुरू करेगी। पंजीकरण के लिए कुल 15,000 रुपये फीस तय की गई है, जिसमें 5,000 रुपये प्रोसेसिंग और 10,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस शामिल है। आवेदन खारिज होने पर 10,000 रुपये वापस किए जाएंगे।

🔍 तीन स्तरों पर जांच के बाद मिलेगा प्रमाणपत्र

पंजीकरण प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा—

  • पहले जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जांच
  • फिर निरीक्षण समिति द्वारा स्थल निरीक्षण
  • अंत में निदेशालय स्तर पर अंतिम निर्णय

सभी मानकों को पूरा करने पर ही प्रमाणपत्र जारी होगा। अधूरी सुविधाओं वाले नए केंद्रों को अधिकतम 6 माह के लिए अस्थायी अनुमति दी जा सकती है।

 

नवीनीकरण भी अनिवार्य

पंजीकरण समाप्त होने से 6 महीने पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए 10,000 रुपये फीस तय की गई है।

🧸 बुनियादी सुविधाओं के सख्त मानक

सरकार ने बच्चों की सुरक्षा और विकास को ध्यान में रखते हुए कई जरूरी मानक तय किए हैं:

  • 20 बच्चों के लिए कम से कम 28 वर्गमीटर कक्षा
  • खेल क्षेत्र, शौचालय, रसोई और विश्राम कक्ष अनिवार्य
  • सीसीटीवी, प्राथमिक उपचार किट और सुरक्षित पेयजल
  • दिव्यांग बच्चों के लिए रैम्प और बाधा मुक्त प्रवेश

👨‍👩‍👧‍👦 PTA का गठन और नियमित बैठक

हर केंद्र में एक माह के भीतर माता-पिता शिक्षक संघ (PTA) बनाना जरूरी होगा, जिसमें 50% अभिभावक और 50% शिक्षक शामिल होंगे। बच्चों की सुरक्षा और विकास की निगरानी के लिए हर तीन महीने में बैठक अनिवार्य रहेगी।

📊 बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग अनिवार्य

हर बच्चे की ऊंचाई और वजन का मासिक रिकॉर्ड रखना होगा और यह डेटा आंगनबाड़ी केंद्रों से साझा करना होगा। साथ ही बच्चों का आधार और शैक्षणिक रिकॉर्ड भी रखना जरूरी होगा।

⚠️ नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई

यदि कोई केंद्र नियमों का उल्लंघन करता है, तो उपायुक्त या निदेशक स्तर पर जांच की जाएगी। नोटिस और सुनवाई के बाद कार्रवाई की जाएगी, जिसमें पंजीकरण रद्द भी किया जा सकता है।

Leave a Comment

error: Content is protected !!

Follow Us Now