
जॉब ट्रेनी बनेंगे एसएमसी शिक्षक, परीक्षा पास करने के लिए इतने अंक लेना जरूरी
पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बीते लंबे समय से कार्यरत एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) शिक्षकों के नियमितीकरण की राह आसान हो गई है। प्रदेश सरकार ने पांच प्रतिशत लिमिटेड डायरेक्ट भर्ती (एलडीआर) प्रक्रिया में 488 टीजीटी आर्ट्स, नॉन-मेडिकल और मेडिकल, 877 सीएंडवी और 62 जेबीटी पदों पर नियुक्तियां करने की मंजूरी दे दी है।
बता दें कि भर्ती परीक्षा के तहत जेबीटी के 44 पद चंबा और 18 पद सिरमौर में भरे जाएंगे। सीएंडवी के तहत टीजीटी हिंदी के 343, टीजीटी संस्कृत के 283 और कला शिक्षकों के 251 पद भरे जाएंगे। इस संबंध में बुधवार को शिक्षा विभाग ने पत्र जारी कर स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला को प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं।
एसएमसी शिक्षकों को जॉब ट्रेनी के तौर नियुक्त किया जाएगा। प्रारंभिक तौर पर प्रशिक्षु के रूप में शिक्षकों को कार्य करना होगा। दो वर्ष के बाद इन्हें नियमित किया जाएगा। बतौर जॉब ट्रेनी दो वर्ष का सेवाकाल पूरा करने के बाद नियमित होने के लिए शिक्षकों को दोबारा से एक परीक्षा देनी होगी। परीक्षा पास करने के लिए सामान्य श्रेणी के शिक्षकों को 40 और आरक्षित श्रेणी वालों को 45 अंक लेना आवश्यक होगा।
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न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं करने वाले शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिए जाएंगे। केवल वही इन-सर्विस एसएमसी शिक्षक भर्ती परीक्षा देने के लिए पात्र होंगे जिन्होंने कम से कम 5 वर्ष की सेवा एसएमसी पॉलिसी 17 जुलाई 2012 के तहत पूरी की होगी। चयन प्रक्रिया में वही शिक्षक शामिल होंगे जो सेवा की इस न्यूनतम अवधि और शैक्षणिक योग्यता दोनों मानदंडों को पूरा करते होंगे। भर्ती परीक्षा स्क्रीनिंग टेस्ट, ओएमआर टेस्ट, सीबीटी के माध्यम से होगी।
बताते चलें कि प्राप्तांक के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। अलग-अलग आरक्षित वर्गों के लिए श्रेणीवार सूची बनाई जाएगी। प्रदेश के हजारों एसएमसी शिक्षक वर्षों से सीमित वेतनमान पर कार्यरत हैं। यह भर्ती प्रक्रिया उनके लिए एक स्थायी करियर की दिशा में कदम के रूप में देखी जा रही है। एसएमसी संघ ने लंबे समय से सरकार से मांग की थी कि उन्हें नियमित शिक्षकों की तरह अवसर प्रदान किए जाएं।
वहीं, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीबीटी आधारित मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चयन पूरी तरह योग्यता आधारित हो और किसी भी प्रकार का पक्षपात न हो।


Author: Polkhol News Himachal









