
अनुशासन लक्ष्य और उपलब्धि के बीच का सेतु है : डॉ सुरेंद्र सिंह डोगरा
संजय ठाकुर | ऊहल
बीड बगेहडा स्कूल में की शिरकत, एनएसएस अधिकारी कृष्ण कुमार की अगुवाई में यह 7 दिवसीय शिविर चलाया जा रहा है। सीनियर सैकेंडरी स्कूल बीड़-बगेहड़ा में चल रहे सात दिवसीय एनएनएस कैंप के 6वें दिन हमीरपुर मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष और हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के उपध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा ने बच्चों को नशे और सामाजिक उत्थान के बारे में जागरूक किया।

डॉ डोगरा ने कहा यह दिवस विभिन्न सामुदायिक सेवा गतिविधियों में एनएसएस स्वयंसेवकों के योगदान, सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने और युवाओं में निस्वार्थ सेवा की भावना को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। एनएसएस का उद्देश्य सामुदायिक सेवा के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व का विकास करना है, व्यक्तित्व विकास में योगदान सामाजिक और नेतृत्व क्षमता विकास: एनएसएस छात्रों को सामुदायिक सेवा गतिविधियों में भाग लेने का अवसर देता है, जिससे वे नेतृत्व कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करते हैं। नैतिक मूल्यों का विकास: यह कार्यक्रम छात्रों में सहानुभूति, निस्वार्थ सेवा और दूसरों के दृष्टिकोण की सराहना करने जैसे नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देता है।
समुदाय की समझ: एनएसएस के माध्यम से, छात्र अपने समुदाय को बेहतर ढंग से समझते हैं और उसकी जरूरतों व समस्याओं की पहचान करना सीखते हैं। समग्र विकास: एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संगठन है जो छात्रों के समग्र विकास पर जोर देता है, जिससे वे समाज के लिए उपयोगी मानव पूंजी के रूप में उभरते हैं। व्यावहारिक कौशल: छात्र वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने के लिए अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग करना सीखते हैं, जो उनके करियर के लिए भी फायदेमंद होता है।
एनएसएस शिविरों और गतिविधियों में भाग लेने से छात्रों को विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों से बातचीत करने, विभिन्न संस्कृतियों को समझने और देशभक्ति की भावना विकसित करने का मौका मिलता है। कुल मिलाकर, राष्ट्रीय सेवा योजना छात्रों को शैक्षणिक ज्ञान से परे जाकर समाज से जुड़ने और एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने का एक अनूठा मंच प्रदान करता है। डॉ सुरेंद्र सिंह डोगरा ने एनएसएस प्रभारी कृष्ण कुमार, सह प्रभारी बंदनी, प्रधानाचार्य बंदिता शर्मा व स्कूल स्टाफ का धन्यवाद किया।


Author: Polkhol News Himachal









