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क्लस्टर समिति की बैठक – शिक्षा गुणवत्ता और सहयोग की दिशा में सार्थक पहल

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क्लस्टर समिति की बैठक – शिक्षा गुणवत्ता और सहयोग की दिशा में सार्थक पहल

रजनीश शर्मा | हमीरपुर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में लागू की जा रही क्लस्टर प्रणाली के तहत शिक्षा की गुणवत्ता, समन्वय और संसाधन-साझेदारी को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से क्लस्टर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टौणी देवी में किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने की। इस अवसर पर क्लस्टर से जुड़ी कुल 13 पाठशालाओं टौणी देवी, राजकीय उच्च पाठशाला पटनौण, राजकीय माध्यमिक पाठशाला थाना दरोगन, सिसवां, राजकीय प्राथमिक पाठशाला टौणी देवी, सिसवां, लोहाखर, स्वाह्लवा, बारीं, झनिकर, पटनौण तथा सिकांदर के प्रधानाध्यापक, अध्यापकगण एवं विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने क्लस्टर प्रणाली की पृष्ठभूमि, उद्देश्य एवं शैक्षिक महत्त्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह व्यवस्था विद्यालयों के बीच संसाधनों के साझा उपयोग, शिक्षकों के आपसी सहयोग और विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण अवसरों को बढ़ावा देने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि क्लस्टर प्रणाली शिक्षा में सहयोग, नवाचार और साझेदारी की भावना को प्रोत्साहित करेगी तथा ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों के बीच सशक्त शैक्षणिक समन्वय स्थापित करेगी। बैठक में क्लस्टर के संचालन को और अधिक प्रभावी व परिणामोन्मुख बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। शिक्षकों के साझा प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शैक्षणिक नवाचारों, विद्यार्थियों की प्रगति की नियमित निगरानी, संसाधन-साझेदारी और सामुदायिक सहभागिता को और मजबूत करने के लिए ठोस प्रस्ताव रखे गए।

सभी विद्यालय प्रमुखों ने यह संकल्प लिया कि वे क्लस्टर के माध्यम से शिक्षण-सीखने की प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक, रोचक और गुणवत्तापूर्ण बनाएंगे, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी पूर्ण क्षमता तक विकसित हो सके। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से विकास शर्मा को क्लस्टर समिति का अध्यक्ष चुना गया। उपस्थित सदस्यों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी और क्लस्टर के सुचारू संचालन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सुप्रिटेंडेंट कमल देव ने विद्यालय कार्यालय से संबंधित अभिलेखों को सुव्यवस्थित रखने और नियमित रूप से अद्यतन करने के महत्त्व पर जोर देते हुए कहा कि सटीक अभिलेख ही विद्यालय की कार्यकुशलता का आधार हैं। प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने अपने समापन संबोधन में कहा कि क्लस्टर प्रणाली शिक्षा में समानता, सहयोग और गुणवत्ता के नए युग का शुभारंभ करेगी।

 

उन्होंने बताया कि क्लस्टर स्तर पर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद प्रतियोगिताएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान प्रदर्शनियाँ तथा जीवन कौशल आधारित गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों में नेतृत्व, रचनात्मकता और टीम भावना का विकास हो सके। अंत में कृष्ण चंद ने सभी उपस्थित सदस्यों, शिक्षकों और SMC प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बैठक क्लस्टर प्रणाली को सशक्त, अनुकरणीय और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। बैठक में वंदना, हेमलता, विनोद, करमचंद, आशीष, पवन, राजीव, अजय, ज्योति सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। बैठक का वातावरण सहयोग, प्रतिबद्धता और शिक्षा के प्रति समर्पण की भावना से ओत-प्रोत रहा।

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