
हमीरपुर में मक्की पर नए कीट का खतरा: बोहनी क्षेत्र में टिड्डी का हमला, किसानों से खेतों की नियमित निगरानी की अपील
पहले फॉल आर्मीवर्म से जूझ रहे किसान, अब टिड्डी जैसे कीट ने बढ़ाई चिंता; कृषि विशेषज्ञों ने समय रहते नियंत्रण की दी सलाह
पोल खोल न्यूज़ | हमीरपुर
हमीरपुर जिले के बोहनी क्षेत्र में मक्की की फसल पर एक नए कीट के हमले की सूचना मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रगतिशील किसान ललित कालिया ने बताया कि उनके क्षेत्र में मक्की की फसल पर टिड्डी जैसे कीट दिखाई दे रहे हैं, जो तेजी से फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने सभी किसानों से अपने-अपने खेतों का नियमित निरीक्षण करने और किसी भी प्रकार के कीट दिखाई देने पर तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करने की अपील की है।
ललित कालिया के अनुसार, यदि समय रहते इस कीट पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही दवा का छिड़काव करें।
कृषि विशेषज्ञों की राय
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि फसल पर हमला करने वाला कीट वास्तव में टिड्डी है या कोई अन्य हानिकारक कीट। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे प्रतिदिन सुबह और शाम खेतों का निरीक्षण करें। यदि किसी पौधे पर अधिक संख्या में कीट दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी कृषि प्रसार अधिकारी या कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से संपर्क करें।
विशेषज्ञों के अनुसार—
– खेतों की नियमित निगरानी करें।
– प्रभावित पौधों और कीटों की फोटो लेकर कृषि विभाग को दिखाएं।
– केवल कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का ही प्रयोग करें।
– बिना पहचान और विशेषज्ञ सलाह के किसी भी दवा का छिड़काव न करें।
– यदि कीटों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा हो तो सामूहिक रूप से नियंत्रण अभियान चलाया जाए।
पहले भी फॉल आर्मीवर्म ने पहुंचाया था नुकसान
गौरतलब है कि इससे पहले भी हमीरपुर सहित हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में मक्की की फसल पर फॉल आर्मीवर्म (वर्मी फाल कीट) का प्रकोप देखने को मिला था, जिससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। अब नए कीट की सूचना मिलने के बाद किसानों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।
किसानों से अपील
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि घबराने की बजाय सतर्क रहें, खेतों का नियमित निरीक्षण करें और किसी भी असामान्य कीट की सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी नियंत्रण किया जा सके और फसल को बचाया जा सके।


Author: Polkhol News Himachal








