
27 साल बाद भी बेटे की याद में नम हो गई आंखें, कारगिल शहीद दिनेश लगवाल को सेना ने दी श्रद्धांजलि
संजय लगवाल। ऊहल
कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमीरपुर जिले के बमसन क्षेत्र की ग्राम पंचायत भटेड के अंदराल गांव के अमर शहीद दिनेश लगवाल की 27वीं पुण्यतिथि पर बुधवार को भावुक माहौल देखने को मिला। जब भारतीय सेना के अधिकारी शहीद के घर पहुंचे और उनके माता-पिता को सम्मानित किया, तो बेटे की याद में उनकी आंखें भर आईं।
सेना के अधिकारियों ने शहीद के पिता कैप्टन भूप सिंह तथा माता श्रीमती विद्या देवी को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर देश के वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने भी शहीद को नमन किया।
बेटे की शहादत पर गर्व, आंखों में आज भी ताजा हैं यादें
सम्मान प्राप्त करते समय शहीद के माता-पिता भावुक हो उठे। शहीद के पिता कैप्टन भूप सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, जिसने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि सेना द्वारा दिया गया यह सम्मान केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि पूरे बमसन क्षेत्र का सम्मान है।
देश सेवा परिवार की विरासत
अमर शहीद दिनेश लगवाल का परिवार वर्षों से देश सेवा की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा रहा है। उनके पिता कैप्टन भूप सिंह ने भारतीय सेना में लगभग 30 वर्षों तक सेवाएं दीं, जबकि उनके भाई राकेश लगवाल भी 16 वर्षों तक सेना का हिस्सा रहे हैं।
कॉलेज से सेना तक और फिर अमर बलिदान
दिनेश लगवाल बचपन से ही साहसी, मेधावी और मिलनसार स्वभाव के थे। वर्ष 1997 में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान उन्होंने भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया। मात्र दो वर्षों की सेवा के बाद उन्होंने कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए और वीरगति को प्राप्त हुए।
“शहीद हमेशा यादों में जिंदा रहते हैं
27 वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव के लोगों और परिजनों के दिलों में शहीद दिनेश लगवाल की यादें आज भी जीवंत हैं। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, साहस और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा। देश हमेशा अपने इस वीर सपूत के बलिदान का ऋणी रहेगा।
फैक्ट फाइल
🔸 नाम : अमर शहीद दिनेश लगवाल
🔸 गांव : अंदराल, पंचायत भटेड, बमसन (हमीरपुर)
🔸 सेना में भर्ती : वर्ष 1997
🔸 शहादत : कारगिल युद्ध के दौरान
🔸 पिता : कैप्टन भूप सिंह (सेवानिवृत्त सैनिक)
🔸 भाई : राकेश लगवाल (पूर्व सैनिक)
🔸 विशेषता : 27वीं पुण्यतिथि पर सेना ने परिवार को किया सम्मानित
“मां की आंखों के आंसू और पिता के चेहरे का गर्व यह बताने के लिए काफी हैं कि शहीद भले ही इस दुनिया में नहीं होते, लेकिन वे हमेशा राष्ट्र के दिलों में जीवित रहते हैं।” 🇮🇳🙏
Author: Polkhol News Himachal








