
तीन माह से वेतन को तरसे मनरेगा ग्राम रोजगार सेवक, यूनियन ने सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
मनरेगा योजना के तहत कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश भवन, सड़क एवं अन्य निर्माण यूनियन की हमीरपुर जिला कमेटी ने प्रदेशभर में कार्यरत करीब 1040 ग्राम रोजगार सेवकों का लंबित वेतन जल्द जारी करने की मांग उठाई है।
यूनियन का कहना है कि वर्ष 2014 के बाद से मनरेगा कानून को लगातार कमजोर किया गया है, जिसके चलते योजना से जुड़े कर्मचारियों और मजदूरों के हित प्रभावित हुए हैं। ग्राम रोजगार सेवकों को नियमित कार्य और समय पर वेतन न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
यूनियन के अनुसार मनरेगा कानून के तहत ग्राम रोजगार सेवकों का वेतन मैटीरियल कंपोनेंट से दिया जाता रहा है, लेकिन पिछले तीन माह से भुगतान नहीं होने के कारण कर्मचारियों के सामने गंभीर वित्तीय संकट खड़ा हो गया है। वेतन न मिलने से परिवारों के रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की स्कूल फीस, बैंक ऋण और वाहन किस्तों का भुगतान प्रभावित हो रहा है।
हिमाचल प्रदेश भवन, सड़क एवं अन्य निर्माण यूनियन के महासचिव रंजन शर्मा ने ग्राम रोजगार सेवकों के साथ हो रहे अन्याय पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सैकड़ों कर्मचारी लंबे समय से वेतन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
रंजन शर्मा ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि लंबित वेतन का भुगतान तुरंत किया जाए ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो यूनियन कर्मचारियों के समर्थन में व्यापक आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
मुख्य बातें
प्रदेश के 1040 ग्राम रोजगार सेवकों का वेतन तीन माह से लंबित।
वेतन न मिलने से परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित।
बच्चों की फीस, बैंक ऋण और वाहन किस्तों के भुगतान में आ रही दिक्कतें।
यूनियन ने सरकार से तत्काल वेतन जारी करने की मांग की।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी।
Author: Polkhol News Himachal








