
📰 निर्विरोध पंचायतों को मिलेगा लाखों का इनाम, सरकार की बड़ी घोषणा
पोल खोल न्यूज़ । शिमला

हिमाचल प्रदेश सरकार ने निर्विरोध चुनी जाने वाली पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के लिए प्रोत्साहन राशि देने का बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत यदि किसी पंचायत में प्रधान, उपप्रधान सहित सभी सदस्य निर्विरोध चुने जाते हैं, तो उस पंचायत को 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा।

इसी प्रकार पंचायत समिति में चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सभी सदस्य निर्विरोध चुने जाने पर 5 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। वहीं जिला परिषद में सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने जाने पर 15 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। पंचायतीराज विभाग ने इस संबंध में सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल उन्हीं संस्थाओं पर लागू होगी, जहां सभी पदाधिकारी बिना मुकाबले चुने जाएंगे। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को सरल बनाना, आपसी सहमति को बढ़ावा देना और अनावश्यक खर्च व विवादों को कम करना है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सौहार्द बढ़ेगा और विकास कार्यों पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा।
इसके साथ ही सभी जिलों को इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला पंचायत अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अनुदान राशि बढ़ाने पर भी विचार
हालांकि सरकार ने अनुदान राशि की अधिसूचना जारी कर दी है, लेकिन इसे बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने भी संकेत दिए हैं कि राशि में इजाफा हो सकता है। मुख्यमंत्री के शिमला पहुंचने पर इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
आज जारी हो सकता है चुनाव शेड्यूल
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव का शेड्यूल मंगलवार को जारी हो सकता है। सोमवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। करीब तीन घंटे चली इस बैठक में मतदाता सूची, बैलेट पेपर, मतपेटियां, संवेदनशील बूथ और कर्मचारियों की ड्यूटी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों और जिन शहरी निकायों में चुनाव होने हैं, वहां आचार संहिता लागू हो जाएगी। 24 अप्रैल को मतदाता सूचियों की फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी।
वनाधिकार दावेदार भी लड़ सकेंगे चुनाव
हिमाचल में वनाधिकार अधिनियम, 2006 के तहत जिन लोगों के दावे लंबित हैं, उन्हें पंचायत चुनाव लड़ने से अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति ने पहले ही दावा प्रस्तुत कर दिया है और उसका निपटारा लंबित है, तो वह चुनाव लड़ सकता है।

📦 इन्फो बॉक्स
• निर्विरोध पंचायत को 10 लाख रुपये
• पंचायत समिति को 5 लाख रुपये
• जिला परिषद को 15 लाख रुपये
• सहमति और सौहार्द बढ़ाने पर जोर
• चुनाव शेड्यूल जल्द जारी होने की संभावना
• वनाधिकार दावेदार भी लड़ सकेंगे चुनाव
Author: Polkhol News Himachal









