
📰 एम्स बिलासपुर में सर्जरी होगी और सुरक्षित, आएंगी स्मार्ट एनेस्थीसिया मशीनें
पोल खोल न्यूज़ । बिलासपुर

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित एम्स बिलासपुर में अब सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया देना पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक होने जा रहा है। संस्थान ने चार टारगेट कंट्रोल्ड इन्फ्यूजन (TCI) पंप खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है, जिससे मरीजों को बेहतर और सटीक इलाज मिल सकेगा।

अभी तक सर्जरी के दौरान डॉक्टर मरीज के वजन और स्थिति के आधार पर अनुमान लगाकर एनेस्थीसिया देते थे, लेकिन नई तकनीक आने के बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह स्मार्ट हो जाएगी। यह मशीन मरीज के शरीर में दवा के स्तर को लगातार मॉनिटर करते हुए खुद तय करेगी कि कितनी मात्रा में दवा दी जानी है।

इन मशीनों का उपयोग मुख्य रूप से ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू में किया जाएगा, जहां मरीजों की स्थिति बेहद संवेदनशील होती है। ऐसे में यह तकनीक इलाज के दौरान होने वाली त्रुटियों को कम करने में मदद करेगी और मरीजों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी।
टेंडर के तहत चार यूनिट उपकरण खरीदे जाएंगे। चयनित कंपनी मशीनों की सप्लाई, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग के साथ-साथ अस्पताल स्टाफ को प्रशिक्षण भी देगी।

टारगेट कंट्रोल्ड इन्फ्यूजन पंप मरीज के खून में दवा के स्तर को लगातार मॉनिटर करेगा, जिससे दवा न कम होगी और न ज्यादा। सटीक मात्रा मिलने से मरीज को ऑपरेशन के बाद जल्दी होश आएगा और रिकवरी का समय भी कम होगा।

एनेस्थीसिया की ओवरडोज से होने वाली उल्टी, जी मिचलाना और याददाश्त संबंधी समस्याएं भी कम होंगी। खासकर संवेदनशील मरीजों के लिए यह तकनीक अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद साबित होगी। मशीन मरीज की उम्र, वजन और लिंग के आधार पर खुद डोज तय करती है और किसी भी बदलाव पर तुरंत डॉक्टरों को अलर्ट देती है।
सर्जरी के दौरान दी गई दवा का पूरा डेटा सुरक्षित रहता है, जिससे पारदर्शिता भी बढ़ती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इन अत्याधुनिक मशीनों के आने से न केवल सर्जरी की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और आराम में भी बड़ा सुधार होगा।

📦 इन्फो बॉक्स
• AIIMS बिलासपुर में आएंगे 4 TCI पंप
• सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया होगा और सटीक
• मशीन खुद तय करेगी दवा की मात्रा
• ऑपरेशन थिएटर और ICU में होगा इस्तेमाल
• ओवरडोज के साइड इफेक्ट्स होंगे कम
• मरीजों की रिकवरी होगी तेज और सुरक्षित
Author: Polkhol News Himachal









