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पदोन्नति प्रक्रिया में ‘पिक एंड चूज़’ का आरोप, विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने उठाई आवाज

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  • पदोन्नति प्रक्रिया में ‘पिक एंड चूज़’ का आरोप, विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने उठाई आवाज

  • डीपीसी के बाद फाइलें शिमला मंगवाने से बढ़ी देरी, जूनियर-सीनियर क्रम में आ रही गड़बड़ी

रजनीश शर्मा। हमीरपुर

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने आरोप लगाया है कि निर्धारित नियमों के बावजूद पिछले 7-8 महीनों से पदोन्नतियां अनावश्यक रूप से लटकाई जा रही हैं, जिससे कर्मचारियों की वरिष्ठता प्रभावित हो रही है।

यह बात यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज और महामंत्री प्रशांत शर्मा ने संयुक्त प्रेस बयान में कही।

📌 हर महीने 10 तारीख को डीपीसी का नियम, फिर भी हो रही देरी

यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि टी-मेट, हैल्पर्स और सहायक लाइनमैन की पदोन्नति के लिए स्पष्ट निर्देश हैं कि संबंधित अधिशाषी और अधीक्षण अभियंता प्रत्येक माह की 10 तारीख को डीपीसी कर पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति आदेश जारी करें।

लेकिन आरोप है कि डीपीसी के बाद पदोन्नति फाइलें कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी द्वारा निपटाने की बजाय मुख्यमंत्री की स्वीकृति के नाम पर शिमला मंगवाई जा रही हैं। इसके चलते फाइलें लंबे समय तक लंबित रहती हैं और बाद में अनियमित तरीके से ‘पिक एंड चूज़’ आधार पर जारी की जा रही हैं।

⚖️ जूनियर-सीनियर क्रम में गड़बड़ी, कर्मचारियों के साथ अन्याय

यूनियन का कहना है कि इस प्रक्रिया के कारण वरिष्ठ कर्मचारी जूनियर हो रहे हैं और जूनियर कर्मचारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ और गैरकानूनी है।

पदोन्नति में हो रही विसंगतियों से कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है और इसे भारी बेइंसाफी बताया गया है।

🏢 मुख्यमंत्री व चेयरमैन से हस्तक्षेप की मांग

यूनियन ने प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री एवं बोर्ड के चेयरमैन प्रबोध सक्सेना से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि पदोन्नति प्रक्रिया को कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी को ही अधिकृत किया जाए ताकि अनावश्यक देरी और कर्मचारियों के साथ हो रही नाइंसाफी खत्म हो सके।

🖥️ मिनिस्ट्रियल स्टाफ व कंप्यूटर ऑपरेटर पदों पर भी उठी मांग

यूनियन ने मिनिस्ट्रियल स्टाफ के रिक्त पदों पर शीघ्र डीपीसी करने और कंप्यूटर ऑपरेटर के लिए स्पष्ट पदोन्नति नियम बनाने की भी मांग की है।

⚡ स्टाफ की भारी कमी से बढ़ा कार्यभार

प्रदेशाध्यक्ष नितिश भारद्वाज ने कहा कि स्टाफ की भारी कमी के कारण विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर एक-दो कर्मचारियों के जिम्मे 35-40 ट्रांसफार्मर और कई किलोमीटर लंबी एलटी व एचटी लाइनें हैं।

अत्यधिक कार्यभार और तनावपूर्ण माहौल के कारण कर्मचारी दुर्घटनाओं का शिकार भी हो रहे हैं।

📢 भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग

यूनियन ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कई बार भर्ती की घोषणा किए जाने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है, जो चिंताजनक है।

बोर्ड प्रबंधन और प्रदेश सरकार से अतिशीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने तथा यूनियन प्रतिनिधियों के साथ नियमित बैठक बुलाकर कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करने की मांग की गई है।

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