

डंके की चोट पर : झनिक्कर केहरवीं रोड बनाने वाली निर्भय कंस्ट्रक्शन कंपनी की लापरवाही पर पेनल्टी की तैयारी में विभाग !
रजनीश शर्मा | हमीरपुर

एफडीआर तकनीक से तैयार की गई झनिक्क केहरवीं सड़क की बदहाल स्थिति से लोग परेशान है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य कर रही निर्भय कंस्ट्रक्शन कंपनी पर सीधी लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने के आरोप लगाए हैं। अब विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी पर कार्रवाई की बात कही है।
गुणवत्ता पर बड़ा सवाल
करीब 9 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण एफडीआर (फुल डेप्थ रिक्लेमेशन) तकनीक से किया गया था। दावा किया गया था कि यह तकनीक सड़क को मजबूत और टिकाऊ बनाएगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। कई स्थानों पर सड़क पक्की नहीं की गई है और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है।

9.26 करोड़ खर्च, लेकिन काम अधूरा और घटिया!
जानकारी के अनुसार इस सड़क पर करीब 9.26 करोड़ रुपये की लागत आई है। इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत तीन महीने में ही खराब हो जाना निर्माण गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण सही मानकों के अनुसार हुआ होता तो सड़क इतनी जल्दी जवाब नहीं देती।

निर्भय कंस्ट्रक्शन पर लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैये के आरोप
ग्रामीणों और वाहन चालकों का आरोप है कि निर्भय कंस्ट्रक्शन कंपनी ने निर्माण के दौरान तय तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया। कई स्थानों पर उचित रोलिंग और समतलीकरण नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि कंपनी ने जल्दबाजी में काम पूरा दिखाने के लिए गुणवत्ता से समझौता किया।
दुपहिया चालकों के लिए बना खतरा
सड़क के गड्ढे के कारण दुपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय लोग इसे सीधे तौर पर निर्माण में बरती गई लापरवाही का नतीजा बता रहे हैं।
एक्सईएन के. के. भारद्वाज बोले – कंपनी पर पेनल्टी की प्रक्रिया शुरू
इस मामले में संबंधित विभाग के एक्सईएन के. के. भारद्वाज ने माना कि सड़क पर आई खामियों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में कमियां पाई गई हैं और निर्भय कंस्ट्रक्शन कंपनी पर पेनल्टी लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही कंपनी को तत्काल प्रभाव से आवश्यक मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनता का सवाल – जिम्मेदारी तय होगी या फिर लीपापोती?
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि यदि सड़क की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि जनता के टैक्स के पैसों से बनी सड़क की ऐसी दुर्दशा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि 9.26 करोड़ की लागत से बनी सड़क कंप्लीट क्यों नहीं हो पाई ? क्या पेनल्टी से काम चलेगा या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी?

Author: Polkhol News Himachal









