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प्रेम विवाह : सामाजिक बहिष्कार के बाद घर जलाने की कोशिश, पुलिस में शिकायत, बड़सर के करेर का मामला 

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प्रेम विवाह :  सामाजिक बहिष्कार के बाद घर जलाने की कोशिश, पुलिस में शिकायत, बड़सर के करेर का मामला 

रजनीश शर्मा। हमीरपुर 

प्रेम विवाह पर सामाजिक बहिष्कार एवं घर जलाने के मामले में युवक के पिता की शिकायत पर पुलिस जांच में जुट गई है, प्रेम विवाह को लेकर समाज के एक वर्ग द्वारा कानून को हाथ में लेने का एक गंभीर मामला हमीरपुर जिला के बड़सर उपमंडल से सामने आया है। आरोप है कि प्रेम विवाह करने पर युवक और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया गया और  युवक का घर जलाने की भी कोशिश की गई। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बड़सर क्षेत्र के एक गांव में 30 वर्षीय युवक और 23 वर्षीय युवती ने बालिग होने के बाद आपसी सहमति से कोर्ट मैरिज की थी। दोनों का विवाह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ, लेकिन इसके बावजूद गांव के कुछ लोगों ने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। आरोप है कि विवाह के बाद युवक के परिवार को सामाजिक प्रताड़ना, धमकियों और बहिष्कार का सामना करना पड़ा।
युवक के पिता देशराज ने भोटा पुलिस चौकी में दी शिकायत में आरोप लगाया है कि 1 दिसंबर को गांव में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान उनके घर को आग लगाने का प्रयास किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की भी बात सामने आई है। डर और जान-माल के खतरे के चलते नवविवाहित दंपती फिलहाल दिल्ली में रह रहे हैं और गांव लौटने में असमर्थ हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

कानूनी पक्ष (Legal Angle):

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, भारत का संविधान प्रत्येक बालिग नागरिक को अपनी पसंद से विवाह करने का मौलिक अधिकार देता है। सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट समय-समय पर स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रेम विवाह या अंतरजातीय विवाह के कारण किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी या सामाजिक बहिष्कार दंडनीय अपराध है।
सामाजिक बहिष्कार और धमकी देना IPC की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के अंतर्गत अपराध है।
घर जलाने का प्रयास धारा 436/435 IPC के तहत गंभीर गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है।
मारपीट और उत्पीड़न के मामलों में धारा 323/341 IPC भी लागू हो सकती है।
कानून साफ कहता है कि पंचायत, समाज या कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।

इन्फो बॉक्स

मामले से जुड़ी अहम बातें
📍 स्थान: बड़सर उपमंडल, जिला हमीरपुर
👤 युवक की उम्र: लगभग 30 वर्ष
👩 युवती की उम्र: लगभग 23 वर्ष
⚖️ विवाह: कोर्ट मैरिज, पूरी तरह कानूनी
🔥 आरोप: घर जलाने का प्रयास, मारपीट, सामाजिक बहिष्कार
🚔 कार्रवाई: भोटा पुलिस चौकी में शिकायत, जांच जारी
🏛️ कानून का संदेश: बालिगों का विवाह अधिकार सुरक्षित, हिंसा अपराध
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि प्रेम विवाह को लेकर सामाजिक सोच और कानून के बीच टकराव अब भी जारी है। लेकिन कानून पूरी मजबूती से बालिगों के अधिकारों के साथ खड़ा है। समाज के नाम पर हिंसा या बहिष्कार करने वालों को यह समझना होगा कि अब ऐसे मामलों में कानून चुप नहीं बैठता।

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