
❤️ मानवता की मिसाल: 75% दिव्यांग विधवा के बेटे की पढ़ाई का जिम्मा उठाएगी सीनियर सिटीजन काउंसिल हमीरपुर
छठी कक्षा में पढ़ रहे दिव्यांश को प्लस-टू तक हर माह ₹3,000 की आर्थिक सहायता देने का निर्णय, समाज के लिए पेश की प्रेरणादायक पहल
रजनीश शर्मा | हमीरपुर
मानवता और सामाजिक सरोकार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सीनियर सिटीजन काउंसिल हमीरपुर ने एक सराहनीय निर्णय लिया है। काउंसिल ने 75 प्रतिशत दिव्यांग एवं आर्थिक रूप से कमजोर विधवा अंजना कुमारी के बेटे दिव्यांश की शिक्षा और पालन-पोषण में सहयोग के लिए हर माह ₹3,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करने का फैसला लिया है।
काउंसिल के सात सदस्यीय संयुक्त दल ने 17 जुलाई 2026 को तहसील एवं जिला हमीरपुर के अंतर्गत डाकघर धगोटा, गांव ख्याह में अंजना कुमारी के आवेदन पर मौके का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि अंजना कुमारी 75 प्रतिशत दिव्यांग हैं और उनके पति का 17 दिसंबर 2025 को निधन हो चुका है। परिवार में अब केवल मां और उनका बेटा दिवाकर, जो वर्तमान में छठी कक्षा में अध्ययनरत है, ही हैं।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि परिवार की वार्षिक आय लगभग ₹45,000 है, जिससे दोनों का जीवनयापन और बच्चे की पढ़ाई जारी रखना बेहद कठिन हो गया है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए सीनियर सिटीजन काउंसिल ने निर्णय लिया कि दिव्यांश के प्लस-टू तक की पढ़ाई पूरी होने तक अंजना कुमारी को हर माह ₹3,000 की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। काउंसिल का मानना है कि यह सहयोग न केवल बच्चे की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में मदद करेगा, बल्कि मां-बेटे को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का भी संबल देगा।
समाज के लिए प्रेरणा
आज के दौर में, जब कई जरूरतमंद परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में सीनियर सिटीजन काउंसिल हमीरपुर का यह निर्णय सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों की मिसाल बनकर सामने आया है। यह पहल समाज को यह संदेश देती है कि यदि हर सक्षम व्यक्ति या संस्था एक जरूरतमंद परिवार का हाथ थाम ले, तो किसी भी बच्चे की शिक्षा और भविष्य आर्थिक अभाव के कारण अधूरा नहीं रहेगा।


Author: Polkhol News Himachal








