
बारी मंदिर में नेशनल हाईवे-03 के गड्ढे बने जानलेवा, फिर फिसली स्कूटी; उछलकर दूर जा गिरा सवार
एक दर्जन से अधिक हादसों के बावजूद नहीं भरे गए गड्ढे, ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी और प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप
रजनीश शर्मा | हमीरपुर
नेशनल हाईवे-03 के निर्माण कार्य को लेकर भले ही निर्माण कंपनी और जनप्रतिनिधियों द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हों, लेकिन हमीरपुर जिले के बारी मंदिर क्षेत्र में हाईवे की बदहाल स्थिति लगातार लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। यहां पिछले एक वर्ष से अधिक समय से सड़क पर बने गहरे गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
सोमवार को एक बार फिर गड्ढों के कारण एक स्कूटी सवार दुर्घटना का शिकार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कूटी गड्ढों से उछल गई और चालक सड़क पर दूर जा गिरा। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसकी सहायता की। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इसी स्थान पर पहले भी स्कूटी, बाइक और कारों के कई हादसे हो चुके हैं। उनका दावा है कि अब तक इस स्थान पर एक दर्जन से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
अधूरी नालियां बनीं हादसों की बड़ी वजह
ग्रामीणों के अनुसार बारी मंदिर के समीप पानी की निकासी को लेकर अब तक सहमति नहीं बन पाई है। इसके चलते नालियों का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। बारिश और अन्य स्रोतों का पानी सीधे सड़क पर बहता है, जिससे सड़क की सतह टूटकर बड़े-बड़े गड्ढों में बदल गई है। यही गड्ढे लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
ग्रामीणों ने कंक्रीट सड़क बनाने की उठाई मांग
स्थानीय निवासी राकेश कुमार, पवन, रिंकू, ग्राम पंचायत सिकंदर के उपप्रधान राकेश कुमार, रमेश कुमार, प्रमोद सिंह, सुरेंद्र, भूमि राज चौहान और अनंत राम चौहान सहित अन्य ग्रामीणों ने मांग की है कि बारी मंदिर के इस हिस्से में सड़क का निर्माण कंक्रीट से किया जाए। उनका कहना है कि इससे पानी निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होगा और सड़क भी अधिक मजबूत व टिकाऊ बनेगी।
ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस दुर्घटनाजनक स्थल की तत्काल मरम्मत कर इसे सुरक्षित बनाया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
बारी मंदिर में सड़क के गड्ढों की तत्काल मरम्मत की जाए।
अधूरी पड़ी नालियों का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए।
पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस हिस्से में कंक्रीट सड़क का निर्माण कराया जाए।
दुर्घटना संभावित क्षेत्र में चेतावनी संकेतक एवं सुरक्षा प्रबंध लगाए जाएं।








Author: Polkhol News Himachal








